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बलिया जिले के कस्तूरबा स्कूल में भूत-प्रेत का शक, डर के कारण पांच छात्राएं बीमार

Sat, 09 Sep 2017 07:45 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया Updated Sat, 09 Sep 2017 07:45 PM IST
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ballia kasturba school girl in fear for doubt of ghost
भूत-प्रेत के भय से कस्तूरबा स्कूल की बालिकाएं बीमार - फोटो : अमर उजाला
यूपी के बलिया जिले के एक गांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में बीती रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भूत प्रेत के भय से विद्यालय की बालिकाएं भयाक्रांत होकर अचेत होने लगीं। चार बालिकाओं की हालत खराब होने पर देर रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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बताया जाता है कि बिगही स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शुक्रवार की देर शाम बांसडीहरोड के शेर गांव निवासी कक्षा आठ में पढ़ने वाली छात्रा काजल नट सभी छात्राओं के साथ शाम को नाश्ता करने के बाद अपने कमरे में जा रही थी कि अचानक एक काली औरत दिखाई दी।
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उसको देख काजल डर गई। तब उस औरत ने कहा कि अगर तुम लोग हेवांती जो छात्रा है, उसको नहीं मारोगी तो मैं तुम लोगों को मारूंगी। इसके बाद औरत गायब हो गई। तब काजल डर के मारे अपने कमरे में चली गई और अपनी सहेलियों से बताया और कहा कि उसका सिर दर्द कर रहा है।
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उसके सिर को पानी से धो दो चली जाऊंगी। इस पर सहेलियों ने उसका सिर धोया। उसके बाद काजल क्रोध में आ गई और उन लड़कियों को मारने लगी। लड़कियों ने मिल कर उसे शांत कराया। थोड़ी देर बाद काजल जोर- जोर से चिल्लाकर रोने लगी। जिसे सुन कर सारी लड़कियां डर गईं।

डर के मारे कक्षा आठ की रमिता भारती, पुष्पा,पूनम तथा कक्षा सात की रेशमा बेहोश हो गई। शोर सुन कर ग्रामीण इक्कट्ठा हो गए। ग्रामीणों की मदद से उन छात्राओं को सीएचसी सोनवानी ले जाया गया, जहां पर डॉक्टर उपलब्ध न रहने के कारण जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। 
 

बिजली कटने के बाद रहना पड़ता अंधेरे में

ballia kasturba school girl in fear for doubt of ghost
भूत-प्रेत के भय से कस्तूरबा स्कूल की बालिकाएं बीमार - फोटो : अमर उजाला
‌जिला अस्पातल में तबीयत ठीक होने के बाद पुष्पा और पूनम को परिजन अपने साथ घर लेते गए। वहीं शनिवार की सुबह से कक्षा सात की छात्रा पूजा को भी सीने में दर्द है। सूचना पाकर बीएसए रात में ही विद्यालय पर पहुंचे।

शनिवार की सुबह बीआरसी बेलहरी की एबीआरसी उषा देवी सहित सारे एबीआरसी निरीक्षण करने पहुंचे। साथ ही शिक्षा क्षेत्र बेलहरी के कुछ शिक्षक भी वहां पहुंच गए। 

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में बिजली कटने के बाद छात्राओं के लिए प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है। इनवर्टर का कनेक्शन स्टाफ रूम व वार्डेन रूम तक ही है। ऐसे में बच्चियों के पास मजबूरी है कि वे अंधेरे में ही रात गुजारती है।

सरकार व विभाग भले ही विद्यालयों को सुदृढ़ व साधन संपन्न होने का दावा करता हो, लेकिन यहां के विद्यालय को शुरू हुए सात वर्ष हो गए। लेकिन आज तक खाना बनाने के लिए सिलेंडर की व्यवस्था नहीं। आज भी लगभग100 बच्चों का भोजन चूल्हे पर ही बनाया जाता है।
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