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Kashi Vishwanath: आज सपरिवार झूले पर विराजेंगे बाबा विश्वनाथ, गलियों में भक्तों को देंगे दर्शन
Thu, 11 Aug 2022 08:02 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 11 Aug 2022 08:02 AM IST
सार
बाबा विश्वनाथ आज सपरिवार झूले पर विराजेंगे। गलियों में भक्तों को दर्शन देंगे। श्रावण पूर्णिमा पर आज राष्ट्रध्वज के रंगों वाले पुष्पों से बाबा के रजत विग्रह का शृंगार होगा। बाबा की पालकी भी तिरंगे के रंग में ही सजाई जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
काशीवासी बृहस्पतिवार को अपने आराध्य काशी पुराधिपति को सपरिवार झूले पर झूलाएंगे। श्रावण पूर्णिमा पर बाबा विश्वनाथ सपरिवार झूले पर विराजमान होकर अपने भक्तों को दर्शन देंगे। महंत आवास से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक निकाली जाने वाली बाबा की तिरंगा पालकी यात्रा के दौरान भक्त बाबा के इस स्वरूप का दर्शन कर सकेंगे।
बुधवार को महंत आवास पर कजरी महोत्सव के साथ ही झूलनोत्सव का शुभारंभ हो गया। श्रावण पूर्णिमा पर 11 अगस्त को राष्ट्रध्वज के रंगों वाले पुष्पों से बाबा के रजत विग्रह का शृंगार होगा। बाबा की पालकी भी तिरंगे के रंग में ही सजाई जाएगी। पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव को अविस्मरणीय बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
इस वर्ष महंत आवास से विश्वनाथ मंदिर के मध्य होने वाली यात्रा में बाबा भक्तों को दर्शन देते हुए जाएंगे। यह व्यवस्था सिर्फ आजादी के अमृत महोत्सव को ध्यान में रखते हुए की गई है। अगले वर्ष से पुन: बाबा का विग्रह परंपरानुसार श्वेत वस्त्र से ढंक कर ले जाया जाएगा।
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बाबा की पालकी यात्रा में दंड लेकर चलने का दायित्व संजीव रत्न मिश्र निभाएंगे। रजत मशाल लेकर पं. वाचस्पति तिवारी पालकी के आगे-आगे चलेंगे। बाबा के पालकी की साज सज्जा विश्वनाथ मंदिर के रोहित माली द्वारा की जाएगी। बुधवार को महंत आवास पर बाबा की चल प्रतिमा का पूजन-अनुष्ठान के बाद भगवान शिव की गोद में माता पार्वती और प्रथमेश की प्रतिमा को विराजमान कराया गया। इसके बाद तिरंगा शृंगार हुआ। इस दौरान पागल बाबा, आराधना सिंह और पूनम श्रीवास्तव ने कजरी की प्रस्तुति दी।
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बुधवार को महंत आवास पर कजरी महोत्सव के साथ ही झूलनोत्सव का शुभारंभ हो गया। श्रावण पूर्णिमा पर 11 अगस्त को राष्ट्रध्वज के रंगों वाले पुष्पों से बाबा के रजत विग्रह का शृंगार होगा। बाबा की पालकी भी तिरंगे के रंग में ही सजाई जाएगी। पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव को अविस्मरणीय बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
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इस वर्ष महंत आवास से विश्वनाथ मंदिर के मध्य होने वाली यात्रा में बाबा भक्तों को दर्शन देते हुए जाएंगे। यह व्यवस्था सिर्फ आजादी के अमृत महोत्सव को ध्यान में रखते हुए की गई है। अगले वर्ष से पुन: बाबा का विग्रह परंपरानुसार श्वेत वस्त्र से ढंक कर ले जाया जाएगा।
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बाबा की पालकी यात्रा में दंड लेकर चलने का दायित्व संजीव रत्न मिश्र निभाएंगे। रजत मशाल लेकर पं. वाचस्पति तिवारी पालकी के आगे-आगे चलेंगे। बाबा के पालकी की साज सज्जा विश्वनाथ मंदिर के रोहित माली द्वारा की जाएगी। बुधवार को महंत आवास पर बाबा की चल प्रतिमा का पूजन-अनुष्ठान के बाद भगवान शिव की गोद में माता पार्वती और प्रथमेश की प्रतिमा को विराजमान कराया गया। इसके बाद तिरंगा शृंगार हुआ। इस दौरान पागल बाबा, आराधना सिंह और पूनम श्रीवास्तव ने कजरी की प्रस्तुति दी।