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बाबा साहेब ने हमेशा राष्ट्र को सर्वोपरि माना
वाराण्ासी, ब्यूरो
Updated Fri, 17 Apr 2015 01:45 AM IST
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वाराणसी। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री कलराज मिश्र ने कहा कि विश्व को तभी संतुलित रखा जा सकता है जब हम सभी अपने को एक परिवार के रूप में मानें। डॉ. भीमराव अंबेडकर की भी यही सोच थी। उन्होंने राष्ट्र को सर्वोपरि मानकर काम किया।
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बहुत से लोग इससे इत्तफाक नहीं भी रखते लेकिन समग्रता में देखें तो बाबा साहेब हमेशा राष्ट्र के प्रति समर्पित रहे। वह सामाजिक समरसता और बंधुत्व के प्रतीक हैं।
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कलराज यहां गुरुवार को बीएचयू के केएन उडुप्पा सभागार में राजनीति विज्ञान विभाग और स्वदेशी जागरण मंच के तत्वावधान में आयोजित ‘डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं सर्व-समावेशी चिंतन’ विषयक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
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उन्होंने कहा कि विश्व में शांति स्थापित करने में डॉ. अंबेडकर केे विचार महत्वपूर्ण हैं। हमें उन्हीं विचारों के साथ आगे बढ़ना होगा और सामाजिक समरसता कायम करनी होगी।
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता केंद्रीय मंत्री थावर चंद्र गहलोत ने कहा कि भाजपा दलितों के मसीहा डॉ. अंबेडकर के विचारों और उनकी सोच को प्रचारित प्रसारित करने का काम बहुत पहले से कर रही है। डॉ. अंबेडकर के जन्मस्थान महू में भव्य स्मारक पार्टी ने बनवाया।
उसी स्थान पर दो दिन पहले बीते 14 अप्रैल को पार्टी ने अंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना की है। इतना ही नहीं, आगामी 20 अप्रैल को नई दिल्ली में 15 जनपथ स्थित अंबेडकर प्रतिष्ठान पर 112 करोड़ की लागत से अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थान की स्थापना की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका भूमि पूजन होगा। यहां डॉ. अंबेडकर के विचारों पर शोध और अनुसंधान होगा। ऐसा वातावरण बनाने का प्रयास किया जाएगा कि अंबेडकर किसी एक वर्ग के नहीं बल्कि सबके थे। श्री गहलोत ने कहा कि 26 अलीपुर रोड, नई दिल्ली जहां अंबेडकर जी ने अंतिम सांसें ली थीं, उस स्थल को 13 करोड़ में खरीद कर वहां स्मारक बनवाया गया है।
बस इसी रोड पर प्रधानमंत्री की इच्छानुसार 100 करोड़ की लागत से भव्य स्मारक बनाया जाएगा। बताया कि लंदन में जिस मकान में डॉ. अंबेडकर रहते थे, उसे भी 40 करोड़ में खरीदकर, वहां उनका स्मारक बनाने का काम होगा ताकि अंबेडकर की सोच को विदेशों तक प्रचारित प्रसारित किया जा सके। उन्होंने कहा कि समावेशी समाज के लिए, समरसता के लिए हम सबको मिलकर अंबेडकर की सोच को विश्व पटल पर ले जाना है।
विशिष्ट अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय सोनकर शास्त्री, समाजसेवी रमेश पतंगे, नेपाल के हृदेश त्रिपाठी ने भी अपने विचार रखे। संगोष्ठी की अध्यक्षता बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय ने की। स्वागत सामाजिक विज्ञान संकाय प्रमुख प्रो. आरआर झा और राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. कौशल किशोर मिश्रा ने किया। विषय की प्रस्तावना स्वदेश जागरण मंच के संगठन मंत्री अजय कुमार ने रखी। संचालन डॉ. सर्वेश पांडेय और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुरेश नागर ने किया।