आजमगढ़: कस्टडी में रहे सपा के 15 समर्थक, पार्टी के नेताओं के न पहुंचने पर मलाल; आरएसएस से जुड़ा है मामला
आरएसएस कार्यक्रम में कुलपति के शामिल होने का विरोध करने पहुंचे समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं को पुलिस से धक्का-मुक्की के बाद हिरासत में लिया गया था। करीब चार घंटे तक कोतवाली में रहे 15 सपा समर्थकों के बीच नेताओं के न पहुंचने को लेकर मलाल रहा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि मुश्किल समय में नेतृत्व को उनके साथ खड़ा होना चाहिए था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरिऔध कला केंद्र में मंगलवार को आरएसएस के कार्यक्रम में कुलपति के मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होने के विरोध में समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने करीब 15 लोगों को हिरासत में लिया। सभी करीब चार घंटे तक पुलिस कस्टडी में रहे। हालांकि, इस दौरान जिले का न तो कोई सांसद और न ही कोई विधायक कोतवाली पहुंचा। इसे लेकर समाजवादी कार्यकर्ताओं में नाराजगी के साथ मलाल भी देखने को मिला।
समाजवादी पार्टी के जिलाउपाध्यक्ष विवेक सिंह ने कहा कि ‘अखिलेश यादव पर हजार जवानी कुर्बान’ करने वाले समाजवादी कार्यकर्ताओं को अपने नेताओं से भी इसी तरह के साथ की उम्मीद रहती है। उनका कहना था कि जब छात्रसभा के कार्यकर्ता पुलिस हिरासत में थे, उस समय कोतवाली से चंद कदम की दूरी पर रहने के बावजूद जिले का कोई सांसद या विधायक उनका हाल जानने नहीं पहुंचा।
कार्यकर्ताओं ने इसे लेकर पार्टी के स्थानीय नेताओं के रवैये पर सवाल उठाए। विवेक सिंह ने बताया कि समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ता हरिऔध कला केंद्र में आयोजित आरएसएस के कार्यक्रम में कुलपति के शामिल होने का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।
इसी बीच दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने करीब सात प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें कोतवाली ले जाया गया। करीब चार घंटे तक पुलिस कस्टडी में रहने के बाद कार्यकर्ताओं को छोड़ा गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं के बीच इस बात को लेकर चर्चा रही कि उनके हिरासत में लिए जाने की जानकारी के बावजूद पार्टी का कोई सांसद या विधायक कोतवाली नहीं पहुंचा।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति उनकी पूरी निष्ठा है, लेकिन स्थानीय नेताओं के इस रवैये से उन्हें निराशा हुई है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि ‘अखिलेश यादव पर हजार जवानी कुर्बान’ है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के सुख-दुख में नेताओं की मौजूदगी भी जरूरी है। चंद कदम की दूरी पर होने के बावजूद नेताओं के कोतवाली नहीं पहुंचने की बात कार्यकर्ताओं को सबसे अधिक खली।
हम जिले में थे नहीं लखनऊ गए थे। आने में सात बज गया। सभी विधायकों से बातचीत हुई, इसके बाद सांसद धर्मेंद्र यादव, विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, नफीस अहमद, डा. संग्राम से बातचीत हुई। फोन पर अधिकारियों से वर्ता हुई इसके बाद अधिकारियों ने छोड़ने का आश्वासन दिया। जहां तक रही बात समर्थक कह रहे अपने से छोड़ने की तो आज के समय में प्रशासन या पुलिस खुद कभी नहीं छोड़ती है। समाजवादी के बड़े नेताओं का दबाव रहा कि सपा के समर्थकों को छोड़ दिया गया।- हवलदार यादव, जिलाध्यक्ष सपा।