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‘आजाद बलूचिस्तान’ पर सहमति दे भारत सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 07 Nov 2016 01:43 AM IST
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नाएला कादरी बलूच
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विश्व बलूच महिला फोरम की प्रेसिडेंट नाएला कादरी बलूच चाहती हैं कि ‘आजाद बलूचिस्तान’ की हमारी मांग पर भारत सरकार अपनी सहमति दे। पाकिस्तान से खाली हाथ आजादी की लड़ाई लड़ रहे बलूचों को भारत से खासी उम्मीदें हैं। भारत के दुनिया भर में रह रहे बलूचों की मदद के लिए आगे आने से हिंदुस्तानियों और बलूचों में संवाद कायम होगा। हम नजदीक आकर यह तय कर सकेंगे कि बलूचिस्तान की निर्वासित सरकार का स्वरूप कैसा हो।
रविवार को ‘अमर उजाला’ से बातचीत में नाएला कादरी बलूच ने कहा कि बलूचों को भारत सरकार से हर प्रकार की मदद की उम्मीद है। लेकिन ‘आजाद बलूचिस्तान’ की मांग पर अभी तक भारत सरकार का समर्थन हमें नहीं मिला है। हालांकि यहां की सिविल सोसायटी और विभिन्न संगठनों के लोेग हमारे साथ हैं। फ्री बलूचिस्तान के लिए भारत सरकार क्या कर सकती है? कहा, दुनिया के जितने देशों में भारतीय दूतावास हैं वो बलूचों को हिंदुस्तान आने और यहां बसने में मदद करें। वीजा देते समय बलूचों को पाकिस्तानी ना समझा जाए। जिस तरह से पाकिस्तान से आने वाले हिंदू समुदाय के लोगों को यहां विशेष सुविधाएं और बसने सहित अन्य सहूलियतें मिली हुई हैं, वैसा ही सलूक बलूचों के भी साथ हो। बलूचिस्तान ना कभी पाकिस्तान का हिस्सा था और ना रहेगा।
रविवार को ‘अमर उजाला’ से बातचीत में नाएला कादरी बलूच ने कहा कि बलूचों को भारत सरकार से हर प्रकार की मदद की उम्मीद है। लेकिन ‘आजाद बलूचिस्तान’ की मांग पर अभी तक भारत सरकार का समर्थन हमें नहीं मिला है। हालांकि यहां की सिविल सोसायटी और विभिन्न संगठनों के लोेग हमारे साथ हैं। फ्री बलूचिस्तान के लिए भारत सरकार क्या कर सकती है? कहा, दुनिया के जितने देशों में भारतीय दूतावास हैं वो बलूचों को हिंदुस्तान आने और यहां बसने में मदद करें। वीजा देते समय बलूचों को पाकिस्तानी ना समझा जाए। जिस तरह से पाकिस्तान से आने वाले हिंदू समुदाय के लोगों को यहां विशेष सुविधाएं और बसने सहित अन्य सहूलियतें मिली हुई हैं, वैसा ही सलूक बलूचों के भी साथ हो। बलूचिस्तान ना कभी पाकिस्तान का हिस्सा था और ना रहेगा।
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