फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Ayushman yojna golden card treatment in hospital varanasi

आयुष्मान भारत योजना: पास में है गोल्डन कार्ड तो इलाज की चिंता नहीं

Sun, 29 Sep 2019 07:33 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sun, 29 Sep 2019 07:33 PM IST
विज्ञापन
Ayushman yojna golden card treatment in hospital varanasi
आयुष्मान योजना - फोटो : अमर उजाला

आयुष्मान भारत योजना गोल्डन कार्ड धारकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें सामान्य बीमारी से लेकर घुटना प्रत्यारोपण, पैर की हड्डी से लेकर छोटे-बड़े ऑपरेशन के साथ ही जांच और दवा का भी एक भी पैसा नहीं लगता है। जिले में ऐसे एक दो नहीं बल्कि 16,522 मरीज हैं, जिन्होंने कार्ड की मदद से अपना इलाज कराया और अब वो राहत महसूस कर रहे हैं। इसमें मरीज का कोई पैसा खर्च नहीं हुआ। किसी ने घुटने का प्रत्यारोपण कराया तो किसी के अपेंडिक्स, पथरी और पैर की हड्डी सहित अन्य बीमारियों का ऑपरेशन भी इसी योजना के तहत हुआ।

विज्ञापन


जिले में योजना के तहत दो लाख लोगों का चयन और फिर सर्वे में 1.49 लाख का नाम पात्र लाभार्थियों की सूची में डाला गया है। इनमें से विभाग के दावों के मुताबिक 1.35 लाख लोग कार्ड पा चुके हैं। ऐसे लोगों को विभाग की ओर से योजना के तहत पंजीकृत अस्पतालों में जाकर इलाज कराने की सुविधा है। योजना के अनुसार अस्पताल में भर्ती होने के बाद मरीज को इलाज, जांच, ऑपरेशन और फिर डिस्चार्ज होने के बाद 15 दिन तक नि:शुल्क दवाइयां भी अस्पताल से ही मिलेंगी।
विज्ञापन


केस-1
बाबतपुर पंचक्रोशी रोड निवासी अमरावती देवी को चलने में बहुत परेशानी हो रही थी। पहले तो घर के पास ही इलाज कराया जब राहत नहीं मिली तो जांच कराया। इसके बाद पता चला कि घुटनंा खराब हो चुका है, इसका प्रत्यारोपण कराना होगा। परिवार की हालत ठीक नहीं थी, ऐसे में आयुष्मान योजना के तहत मिला गोल्डन कार्ड ही एकमात्र सहारा था। रविंद्रपुरी स्थित एक निजी अस्पताल में बिना किसी खर्चके प्रत्यारोपण हो गया, अब अमरावती चल फिर ले रही रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

केस-दो
चंदौली के मजीदाहा निवासी आशु प्रजापति को पैर में चोट लग गई थी। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक इलाज कराया और जांच कराने पर पता चला कि पैर की हड्डी टूट गई है और ऑपरेशन कराना पड़ेगा। यहां से चिकित्सकों ने उसे दीनदयाल अस्पताल रेफर कर दिया। 20 जुलाई को भर्ती होने के बाद ऑपरेशन हुआ, जिसमें परिवारवालों का एक भी रुपया खर्च नहीं हुआ।

गोल्डन कार्ड से इनका हुआ इलाज
जिले में गोल्डेन कार्ड धारक       1.35 लाख 
निजी अस्पताल               11035
सरकारी अस्पताल             5487

अधिक से अधिक लोगों को गोल्डन कार्ड मिले और वह योजना का लाभ ले सकें, इसके लिए ब्लॉकवार कैंप लगाकर कार्ड बनाने के साथ ही जागरूक किया जा रहा है। दो अक्तूबर तक विशेष शिविर लगाया गया है। शिविर में मरीजों को इसके तहत बीमारियों के इलाज की भी जानकारी दी जा रही है।-डॉ.वीबी सिंह, सीएमओ

यहां दे सकते हैं आयुष्मान से जुड़ी जानकारी
अगर आप आयुष्मान योजना से जुड़ी कोई भी समस्या या जानकारी हम तक पहुंचाना चाहते हैं तो व्हाट्सएप नंबर 7617566161 पर मेसेज और कॉल कर सकते हैं। साथ ही vns-cityreporter@vns.amarujala.com पर भी सूचना दे सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed