मिर्जापुर : ढाई लाख गरीब अब भी ‘संजीवनी’ से वंचित, 192601 को मिला आयुष्मान योजना का लाभ
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मिर्जापुर जिले में गरीब परिवारों के लिए आयुष्मान भारत योजना किसी संजीवनी से कम नहीं। जिले में 2011 की सामाजिक और आर्थिक जनगणना में गरीब के रूप में चिह्नित एक लाख 92 हजार 601 लोगों का इसमें पंजीकरण किया गया है। पर अब भी बहुत से गरीब हैं, जो इस योजना से आच्छादित नहीं हुए हैं। हालांकि अब भी ढाई लाख से ज्यादा लोगों को इस योजना का लाभ दिया जाना बाकी है।
एक वर्ष पूर्व 23 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड में रांची से आयुष्मान भारत योजना का शुभारंभ किया। योजना के तहत लाभार्थी के परिवार के किसी भी सदस्य को प्रतिवर्ष पांच लाख तक का इलाज मुफ्त मिलेगा। योजना का लाभ सरकारी के साथ निजी अस्पताल में भी मिल रहा है। जिले में योजना का लाभ दिलाने के लिए तीन सरकारी और 18 प्राइवेट अस्पताल को आयुष्मान भारत योजना के तहत चयन किया गया है।
इस समय जिले में चार लाख 67 हजार 176 गरीबों का राशन कार्ड बना है। इसमें एक लाख 92 हजार लाभार्थियों को निकाल दिया जाए तो लगभग ढाई लाख से अधिक गरीबों व नए पात्रों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलना बाकी है।
तीन हजार से अधिक लोगों को मिला लाभ
आयुष्मान भारत योजना के मैनेजर राहुल मिश्रा ने बताया कि सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को लेकर अगस्त महीने तक तीन हजार 174 लोग आयुष्मान भारत योजना के तहत नि:शुल्क उपचार करा चुके हैं। इसमें 1254 लोग जिले से बाहर दूसरे जगह पंजीकृत अस्पताल में अपना इलाज करा चुके हैं। एक लाख 92 हजार 601 लाभार्थियों में अब तक एक लाख 70 हजार लोगों को गोल्डेन कार्ड वितरित किया जा चुका है। अन्य लोगों को गोल्डेन कार्ड वितरित करने के लिए ब्लाक स्तर पर कैंप लगाया जा रहा है।
नए पात्रों को करना पड़ेगा इंतजार
योजना से वंचित पात्रों को अभी इंतजार करना पड़ेगा। सीएमओ डॉ. ओपी तिवारी ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना का पोर्टल अभी बंद चल रहा है। शासन के निर्देश पर पोर्टल चालू होगा तो नए पात्रों से फार्म भरवाकर उनकी पात्रता की जांच कर आयुष्मान भारत कार्ड बनवाया जाएगा। जिनका कार्ड बना है। उनके परिवार में किसी सदस्य का कार्ड नहीं है तो उनका नाम जोड़ा जा सकता है।
योजना का लाभ पाने के लिए ये करे काम
आयुष्मान भारत योजना में जो लाभार्थी है। उनके परिवार का कोई सदस्य बीमार होता है तो वे चयनित सरकारी के साथ प्राइवेट अस्पताल में जाकर कार्ड देकर नि:शुल्क उपचार करा सकते हैं। जिले में तीन सरकारी और 10 प्राइवेट अस्पताल योजना के तहत शामिल किए गए हैं।
क्या है आयुष्मान योजना
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थी परिवार को पांच लाख रुपये तक सरकारी और निजी अस्पतालों में नि:शुल्क इलाज की सुविधा का लाभ मिलेगा। इसके लिए उन्हें गोल्डेन कार्ड लेकर अस्पताल जाना होगा। सरकारी और निजी अस्पतालों के चयन के साथ ही अब वेलनेस सेंटर भी इससे जोड़े जा रहे हैं, जिससे कि लोगों को इसका लाभ मिल सके।