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मऊ : 1870 परिवारों को नहीं मिल सका आयुष्मान योजना का लाभ, जानें जिले की स्थिति

Sun, 22 Sep 2019 10:31 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sun, 22 Sep 2019 10:31 PM IST
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ayushman health scheme people treatment by golden card mau
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

मऊ जिले में आयुष्मान योजना के तहत गंभीर बीमारियों से ग्रसित गरीब परिवारों के इलाज के लिए एक लाख 3367 परिवारों को शामिल किया गया है। इसमें अब तक 55 हजार लाभार्थियों को गोल्डेन कार्ड दिया जा चुका है। योजना के तहत अब तक 1048 मरीज अब तक इलाज करा चुके हैं।

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हालांकि 1870 परिवार योजना से वंचित हैं। इसके पीछे सर्वे के दौरान डाटा फीडिंग में लापरवाही, लोगों की जागरूकता की कमी मुख्य कारण है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि चिह्नित परिवारों की सूची आयुष्मान योजना के पोर्टल पर डाली जा चुकी है।
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जिले में योजना का शुभारंभ 25 सितंबर 2018 को तत्कालीन जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु तथा सीएमओ डॉ. सतीश चंद्र सिंह ने किया था। योजना के तहत 93075 परिवारों को चयनित किया गया। बाद में वंचित 10292 परिवारों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य बीमा योजना से लाभान्वित किया गया। योजना के तहत अब तक 55 हजार से ज्यादा गोल्डेन कार्ड वितरित हो चुके हैं।
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बताते चलें कि 23 लाख आबादी वाले जिले में दो लाख 29 हजार परिवार बीपीएल और 41 हजार परिवार अंत्योदय कार्ड धारक है। 2011 जनगणना के अनुसार 93075 गरीब परिवारों को चिह्नित कर उन्हें आयुष्मान योजना में शामिल किया गया था। इसके बाद वंचित गरीब परिवारों प्रदेश सरकार की तरफ से सर्वे कराया गया। इसके तहत जिले में 12162 लाभार्थी गरीब परिवार पात्र पाए गए।

शासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग को मुख्यमंत्री जन आरोग्य बीमा योजना के तहत 10292 की सूची जारी की जा सकी है। लेकिन 1870 परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिल सका। इस बारे में संबंधित विभाग के अधिकारी स्पष्ट तौर पर तो कुछ नहीं कहते दिख रहे हैं, लेकिन विभागीय सूत्रों की माने तो गरीब परिवार होने के बाद योजना में वंचित ना होने के कई कारण है। जिसमें सर्वे के दौरान कर्मचारियों की लापरवाही, खुद लाभार्थी को योजना के प्रति उदासीन रवैया, आवेदन फार्म में अस्पष्ट जानकारी और नाम के अलावा डाटा फीडिंग ना होना है।
 
इस बाबत सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह का कहना है कि आयुष्मान योजना के तहत चिह्नित लाभार्थियों का गोल्डेन कार्ड बनाया जा रहा है। वंचित लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने के उद्देश्य से सूची आयुष्मान योजना के पोर्टल भी अपलोड की जा चुकी है।

पात्र, लेकिन योजना में नहीं शामिल
मऊ जिले के नियाज मोहम्मदपुरा निवासी राजेश सोनकर बीपीएल कार्ड धारक है। बावजूद वो आयुष्मान योजना से वंचित है। राजेश ने बताया कि आयुष्मान योजना में शामिल होने का प्रयास किया, लेकिन विभाग द्वारा सर्वे में ना होने की बात कही गई। बताया कि योजना में शामिल ना होने से हॉल में पथरी की बीमारी से पीड़ित अपने बेटे शिवा का इलाज ब्याज पर पैैसा लेकर निजी अस्पताल में करा रहा है। वहीं योजना से वंचित कहिनौर गांव निवासी प्रमोद कुमार मिश्रा ने बताया कि सर्वे में नाम होने के बाद भी योजना का लाभ नहीं मिल सका है।

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