आजमगढ़: 43 फीसदी हकदार ही पा सके गोल्डेन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना में 1.42 लाख पात्र
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आजमगढ़ जिले में 2011 की सामाजिक, आर्थिक जातीय जनगणना के आधार पर जिले के 1.42 लाख परिवार आयुष्मान योजना के लिए चुने गए हैं। इनमें 1.22 लाख ग्रामीण क्षेत्र और 19610 परिवार शहरी क्षेत्र के हैं। लेकिन 23 सितंबर 2018 को शुरू हुई इस योजना के तहत वर्तमान में 61120 परिवारों को गोल्डन कार्ड जारी किया जा सका है। प्रतिशत में बात करें तो ये हैं 42.92 फीसदी। जिम्मेदार इसका कारण लाभार्थियों को योजना की जानकारी नहीं होना और कार्ड बनवाने में लापरवाही बरतना बता रहे हैं।
स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों की माने तो आयुष्मान योजना के लाभार्थियों का चयन 2011 के सामाजिक, आर्थिक व जातीय जनगणना के आधार पर किया गया है। लंबे समय तक लाभार्थियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए। अधिकतर चयनित लाभार्थियों को इसकी जानकारी ही नहीं थी कि उनके परिवार का नाम इस योजना में शामिल कर लिया गया है।
कई बार ऐसा हुआ कि लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं। फीडिंग के दौरान पता चलता है कि वह आयुष्मान योजना के लाभार्थी हैं, तब उनका कार्ड बना है। कुछ लाभार्थियों के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से जारी पत्र पहुंचा था। जिसके बाद उनका कार्ड बना दिया गया। अब बचे लाभार्थियों को पत्र या फिर किसी अन्य प्रकार से जानकारी नहीं दी जा रही है।
नोडल अधिकारी आयुष्मान योजना/डिप्टी सीएमओ डॉ वाईके राय ने बताया कि गोल्डन कार्ड बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। प्रतिदिन औसतन चार से पांच सौ कार्ड बन रहे है। 30 सितंबर तक 75 प्रतिशत तक व वर्ष के अंत तक शत प्रतिशत गोल्डेन कार्ड जारी कर दिये जाने का लक्ष्य लेकर विभाग काम कर रहा है। विभाग का पूरा प्रयास है कि सभी पात्र परिवारों तक उनके पात्र होने की जानकारी पहुंचाने की कवायद की जा रही है ताकि वे अपना गोल्डेन कार्ड बनवा कर सरकार की योजना का लाभ उठा सके।