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अयोध्या चीनी मिल ब्लास्ट: वाराणसी के इंजीनियर की मौत से सदमे में परिजन, मां बोलीं- 'बच्चा कह कर गए थे कि..
Tue, 21 Nov 2023 02:23 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Tue, 21 Nov 2023 02:23 PM IST
सार
रामपुर मातलदेई निवासी विपिन की दर्दनाक मौत की सूचना पाकर उनके घर पर पट्टीदारों, ग्रामीणों और रिश्तेदारों का जमावड़ा लगा हुआ था। परिजनों ने बताया कि घर पर विपिन के पिता विनोद, छोटा भाई चंदन और मां मंजू देवी रहते हैं।
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अयोध्या के मोतीनगर मसौधा स्थित चीनी मिल
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अयोध्या के मोतीनगर मसौधा स्थित चीनी मिल में विद्युत उत्पादन संयंत्र में ब्लास्ट होने की वजह से रामपुर मातलदेई गांव निवासी इलेक्ट्रिकल इंजीनियर विपिन कुमार सिंह उर्फ चंदन की जान चली गई। यह सूचना सोमवार को मिलते ही विपिन के परिजन सन्न रह गए। पिता और भाई परिजनों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। वहीं, घर पर बेसुध पड़ी मां मंजू देवी को परिवार और गांव की महिलाएं बड़ी मुश्किल से संभाले हुए थीं। वह बार-बार यही रट रही थीं कि जिसके कंधे पर घर-परिवार को संभालने की जिम्मेदारी थी, वह बेसहारा छोड़ गया। विपिन की मौत से ग्रामीण भी खासे दुखी दिखे और कई घरों में चूल्हे नहीं जले।
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रामपुर मातलदेई निवासी विपिन की दर्दनाक मौत की सूचना पाकर उनके घर पर पट्टीदारों, ग्रामीणों और रिश्तेदारों का जमावड़ा लगा हुआ था। परिजनों ने बताया कि घर पर विपिन के पिता विनोद, छोटा भाई चंदन और मां मंजू देवी रहते हैं। विपिन की पत्नी रुचि और दो बच्चे उन्हीं के साथ रहते थे। परिजनों के अनुसार विपिन पांच साल पहले घर से नौकरी करने गए थे। पहले वह गुजरात में थे और वहां से अयोध्या की चीनी मिल में आए थे। परिवार की जिम्मेदारी विपिन के कंधे पर ही थी। विपिन की मां मंजू देवी बार-बार कह रही थीं कि बच्चा दिवाली में घर आए थे। बच्चा कहे थे कि नए साल में अब आएंगे। तब तक यह क्या अनर्थ हो गया...? भगवान का हमने क्या बिगाड़ा था जो हमें यह दिन देखने को मिला...।
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अब नजदीक आ गया हूं, आना-जाना लगा रहेगा
रामपुर मातलदेई गांव के सदानंद, अजय कुमार सिंह, प्रदीप कुमार, बहादुर, बबलू और अजीत ने बताया कि दिवाली पर विपिन घर आए थे तो सभी से मुलाकात किए थे। कह रहे थे कि पहले गुजरात था तो घर आने में देरी होती थी। अब पास आ गया हूं तो अक्सर घर आना-जाना लगा रहेगा और सबसे मुलाकात भी होती रहेगी। किसी ने यह सपने में भी नहीं सोचा था कि अब विपिन से कभी मुलाकात नहीं होगी।
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