फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Atul Subhash Suicide Case on maintenance dowry harassment and domestic violence Know Full Story

Atul Subhash Suicide: 24 पेज का सुसाइड नोट, एक घंटे का वीडियो संदेश, आखिर इंजीनियर ने क्यों की खुदकुशी?

Wed, 11 Dec 2024 09:18 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी/जौनपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी/जौनपुर। Published by: प्रगति चंद Updated Wed, 11 Dec 2024 09:18 AM IST
सार

Atul Subhash News: आत्महत्या करने वाले अतुल सुभाष पर कई मुकदमे चल रहे थे। इनमें भरण पोषण, दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और तलाक के मामले शामिल थे। सुसाइड से पहले अतुल सुभाष ने एक घंटे से ज्यादा समय का वीडियो संदेश जारी किया और 24 पेज का सुसाइड नोट भी लिखा। 

विज्ञापन
Atul Subhash Suicide Case on maintenance dowry harassment and domestic violence Know Full Story
अतुल सुभाष आत्महत्या मामला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आत्महत्या करने वाले इंजीनियर अतुल सुभाष पर फैमिली कोर्ट में भरण पोषण, दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और तलाक के चार मामले चल रहे थे। इसके लिए वह हर तारीख पर बंगलूरू से जौनपुर आते थे। दूसरी तरफ, अदालत के आदेश पर अतुल सुभाष हर महीने बेटे के भरण पोषण के लिए 40 हजार रुपये दे रहे थे। यह स्थिति तब थी, जब अतुल की पत्नी निकिता सिंघानिया की मासिक सैलरी 78 हजार रुपये है।

विज्ञापन


इंजीनियर अतुल सुभाष ने बंगलुरू में आत्महत्या की। उन्होंने 24 पेज का सुसाइड नोट भी लिखा है। अतुल ने आत्महत्या से पहले एक घंटे से ज्यादा समय वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने पत्नी निकिता सिंघानिया, सास, साले और उनके मामले की सुनवाई कर रही जज पर भी गंभीर आरोप लगाए।

विज्ञापन

वीडियो संदेश के जरिये बताई ये बात

Atul Subhash Suicide Case on maintenance dowry harassment and domestic violence Know Full Story
अतुल सुभाष आत्महत्या मामला - फोटो : अमर उजाला

वीडियो संदेश के जरिये बताया कि जौनपुर की फैमिली कोर्ट में पत्नी सदर कोतवाली के मोहल्ला रुहट्टा निवासी निकिता सिंघानिया ने चार मुकदमे दर्ज कराए थे। आरोप लगाया था कि 26 जून 2019 को उसकी शादी अतुल मोदी से हुई थी। विवाह के बाद से ही ससुराल के लोग 10 लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करते थे।

इस सदमे में उसके पिता (निकिता के) की मृत्यु हो गई। परिवार वालों के समझाने पर अतुल उसे बंगलूरू ले गया और 20 फरवरी 2020 को उसे एक बेटा हुआ। इसके बावजूद प्रताड़ना जारी रही। 17 मई 2021 को उसे पीटकर घर से निकाल दिया गया। तब से वह अपने बच्चे के साथ मायके में रह रही है।

बेटे के भरण पोषण के लिए अतुल दे रहे थे 40 हजार रुपये

निकिता ने अदालत को बताया कि अतुल मोदी बंगलूरू में एक कंपनी में इंजीनियर है। वह सालाना 40 लाख रुपये वेतन पाता है। निकिता ने 16 जनवरी 2022 को अपने और बेटे के लिए दो लाख रुपये प्रतिमाह भरण पोषण की मांग करते हुए फैमिली कोर्ट में मामला दर्ज कराया था, जबकि निकिता की ही सैलरी अच्छी खासी है। कोर्ट ने 29 जुलाई 2024 को पत्नी के संबंध में भरण पोषण का प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। साथ ही

अतुल को आदेश दिया कि वह बेटे के भरण पोषण के लिए हर महीने 40 हजार रुपये दे। दहेज उत्पीड़न के मुकदमे में भी अतुल सुभाष मोदी ने कोर्ट में हाजिर होकर जमानत कराई थी। घरेलू हिंसा का मुकदमा अभी चल रहा है। मामले की अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होनी थी।

विज्ञापन

सुभाष अतुल के सुसाइड नोट में जैसे लिखा, वैसे ही प्रस्तुत है...

(फैमिली कोर्ट की जज, सुभाष अतुल और उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया और सास निशा सिंघानिया के बीच कोर्ट रूम में हुई बात)
जज :
ये केस सेटल क्यों नहीं कर लेते?
मैं (सुभाष अतुल) : मैडम, ये लोग पहले 1 करोड़ की डिमांड कर रहे थे, आपके अंतरिम रखरखाव के ऑर्डर के बाद 3 करोड़ की डिमांड कर रहे हैं।
जज : फिर होंगे तुम्हारे पास 3 करोड़, इसलिए मांग रही हैं?
मैं (सुभाष अतुल): मैडम, आप याचिका देखिए, इन लोगों ने कैसे इल्जाम लगाया है। मेरे और मेरे परिवार पर। कितने सारे केस डाले हैं। मुझे मेरे बच्चे से नहीं मिलने दे रहे। ये खुद घर छोड़ के गई है। मुझे और मेरे परिवार को परेशान किया जा रहा है। मुझे बंगलूरू से जौनपुर आना पड़ता है।
जज : तो क्या हो गया केस डाल दिए तो। तुम्हारी पत्नी है।
मैं (सुभाष अतुल): मैडम, अगर आप एनसीआरबी का डेटा देखें तो एक लाख आदमी आत्महत्या कर रहे हैं, झूठे मामलों की वजह से।
निकिता सिंघानिया (सुभाष अतुल की पत्नी बीच में टोकते हुए बोली): तो तुम भी आत्महत्या क्यों नहीं कर लेते। इस बात पर जज ने (हंसते हुए) मेरी पत्नी को बाहर जाने को कहा।
जज : ये केस सब झूठे होते हैं। ऐसा ही होता है। तुम अपने और अपने परिवार के बारे में सोचो। ये मामले निपटा लो कर लो। हम तुम्हारी मदद करेंगे।
मैं (सुभाष अतुल): ठीक है मैडम, आप सुझाव दीजिए। लेकिन मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं।
जज: हम एडजस्ट कराएंगे, मैं 5 लाख रुपये लूंगी, और मैं सेटलमेंट करा दूंगी। इसी कोर्ट में सब सेटलमेंट हो जाएगा। बहुत ही उचित राशि है, इतना पैसा कमाते हो तुम। निकिता भी एडजस्ट करेगी, नहीं तो जीवन भर तुम और तुम्हारे मां-बाप कोर्ट, कचहरी के चक्कर काटते रहोगे।
मैं (सुभाष अतुल): मैडम मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं। हमारे पास सारे सबूत हैं, केस की पूछताछ में मेरी पत्नी की कितनी बातें निकल कर आई हैं। आप हमारा केस मेरिट पर सुनिए।
जज: ठीक है, तुम्हारा केस मेरिट पर ही सुनेंगे। तुम बाहर जाओ।

10 अक्तूबर 2024

स्थान - फैमिली कोर्ट परिसर के बाहर, जौनपुर
सुभाष अतुल ने लिखा कि कोर्ट के बाहर सास निशा सिंघानिया ने आत्महत्या के लिए उकसाने की कोशिश की।
निशा सिंघानिया : (हंसते हुए) अरे तुम अभी तक सुसाइड नहीं किए, मुझे लगा आज तुम्हारे सुसाइड की खबर आएगी, उस दिन जज को सुसाइड करोगे बोले थे तुम।
मैं (सुभाष अतुल): मैं मर गया तो तुम लोगों की पार्टी कैसी चलेगी।
निशा सिंघानिया : (मुस्कुराते हुए) तब भी चलेगी। तुम्हारा बाप देगा पैसे। पति के मरने पर सब पत्नी का होता है। तेरे मरने के बाद तेरे मां-बाप भी जल्दी मरेंगे फिर। उसमें भी बहू का हिस्सा होता है। पूरी जिंदगी तेरा पूरा खानदान कोर्ट के चक्कर कटेगा।

झूठे केस की वजह से हर साल सवा लाख पुरुष कर रहे आत्महत्या- दीपिका
आप आंकड़ों पर गौर करेंगे तो पाएंगे कि देश में हर साल करीब सवा लाख पुरुष आत्महत्या कर रहे हैं। यह सभी झूठे केस में फंसे होते हैं। सुभाष अतुल की आत्महत्या केस बताता है कि कैसे व्यक्ति सिस्टम से लड़ रहा है। वह बंगलूरू से हर तारीख पर जौनपुर आ रहा था। क्या गलती थी, उसकी कि उसने शादी की। जज रुपये मांग रही हैं। जौनपुर पुलिस बिना किसी जांच पड़ताल के उस पर मुकदमे दर्ज किए जा रही है। मैं, जौनपुर पुलिस से भी सवाल करूंगी कि लड़की के पिता की स्वभाविक मौत का मुकदमा सुभाष अतुल पर हत्या का कैसे दर्ज हो गया। -दीपिका नारायण भारद्वाज, एक्टिविस्ट
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed