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अतुल राय रेप केसः अंतिम सांस तक आरोपी सांसद के खिलाफ लड़ी पीड़िता, गुर्गों की प्रताड़ना भी नहीं डिगा सकी हौसला

Thu, 26 Aug 2021 10:16 AM IST
उत्पल कांत शशांक मिश्र, अमर उजाला, वाराणसी
शशांक मिश्र, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 26 Aug 2021 10:16 AM IST
सार

बलिया के गांव से वाराणसी पढ़ने आई पीड़िता के हौसलों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने यूपी कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में भाग्य आजमाया था। एक मई 2019 को बसपा सांसद अतुल राय के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करवाने के बाद उसने न्याय के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। 

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Atul Rai rape Case victim fight against accused bsp MP till her last breath even torture of henchmen
पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर आत्मदाह किया था - फोटो : एएनआई

विस्तार

दुष्कर्म पीड़िता पिछले दो साल से ज्यादा समय से अकेले घोसी से बसपा सांसद अतुल राय के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ रही थी। सांसद के गुर्गों की प्रताड़ना भी उसके हौसले को डिगा नहीं पाई थी। न्याय की आस में भटक रही पीड़िता ने 16 अगस्त को फेसबुक पर लाइव वीडियो शेयर कर आत्मदाह किया था।

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मजबूत हौसलों वाली पीड़िता और उसके गवाह के इस कदम के पीछे बसपा सांसद के गुर्गों की प्रताड़ना को बड़ा कारण माना जा रहा है। बलिया के छोटे से गांव से वाराणसी पढ़ने आई पीड़िता के हौसलों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने यूपी कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में भाग्य आजमाया था।
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एक मई 2019 को बसपा सांसद अतुल राय के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करवाने के बाद उसने न्याय के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। 22 जून 2019 से जेल में बंद सांसद के साथ ही पुलिस की कार्यशैली पर पीड़िता सोशल मीडिया पर कटाक्ष करती रहती थी।
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तीन जनवरी 2021 को 49 मिनट का एक वीडियो ट्वीट कर पीड़िता ने मारपीट का आरोप भी लगाया था। गवाह ने भी दिसंबर 2020 में शिवपुर निवासी शोभित सिंह और शुभम के खिलाफ धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया था। दोनों ने लंका पुलिस को पुख्ता प्रमाण भी सौंपे थे। वाराणसी पुलिस की असंवेदनशीलता भी उसकी जिंदगी की जंग हारने के पीछे एक बड़ा कारण माना जा रहा है।

मंडुवाडीह थाने के हिस्ट्रीशीटर लिस्ट में अतुल राय

वाराणसी के मंडुवाडीह थाने की हिस्ट्रीशीटर सूची में बसपा सांसद अतुल राय का नाम दर्ज है। इंस्पेक्टर परशुराम त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 2011 में हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। इसके  अलावा अतुल राय पर वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, बलिया सहित अन्य जिलों में दो दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि चुनाव में दिए गए शपथ पत्र में उन्होंने 13 मुकदमों का ही जिक्र किया था। इस पर भी मऊ में उन पर एक मुकदमा दर्ज किया गया था।

जान को बताया था खतरा

सोशल मीडिया पर पीड़िता सांसद के खिलाफ काफी मुखर रही। सांसद को मुख्तार अंसारी का करीबी बताते हुए उसने फेसबुक व ट्विटर पर खुद की जान को खतरा बताया था। हालांकि प्रयागराज के नैनी जेल में बंद घोसी सांसद अतुल राय मुख्यमंत्री सहित उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर मुख्तार अंसारी से अपनी जान को खतरा बता चुके हैं।

गुर्गों की पहचान करेगी पुलिस

पीड़िता और उसके गवाह की मौत के बाद अब पुलिस उन्हें प्रताड़ित करने वालों की पहचान में जुट गई है। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि शासन से गठित टीम पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। वाराणसी पुलिस भी इस बात की जांच कर रही है कि पीड़िता और उसके गवाह को प्रताड़ित तो नहीं किया गया। अगर ऐसा हुआ है तो इसमें कौन लोग शामिल थे। उनकी पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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