अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति: काशी में 1134 विद्यार्थियों ने दी परीक्षा, डेढ़ घंटे में दिए सवालों के जवाब
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के लिए रविवार को अशोका इंस्टीट्यूट, सारनाथ में आयोजित परीक्षा में 1134 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा में कक्षा नौवीं, दसवीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थी शामिल हुए। परीक्षार्थियों ने डेढ़ घंटे में सवालों के जवाब दिए। छात्रवृत्ति परीक्षा के माध्यम से मेधावी विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रविवार को कराई गई अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए विद्यार्थी उत्साहित दिखे। वाराणसी के साथ ही आसपास के जिलों से आए 1134 विद्यार्थियों ने डेढ़ घंटे तक चली परीक्षा में सवालों के जवाब दिए। 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। कई विद्यार्थी ऐसे भी थे, जिन्होंने पहली बार ओएमआर शीट से परीक्षा दी।
हर साल की तरह इस साल भी पहड़िया स्थित अशोका इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट में सुबह 11 से 12:30 बजे तक परीक्षा कराई गई। इसके लिए वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, मिर्जापुर आदि जिलों से छात्र-छात्रा सुबह 7 बजे से ही केंद्र पर पहुंच गए।
अशोका इंस्टीट्यूट के मेन गेट के बाहर से लेकर अंदर तक कई जगहों पर रोल नंबर के साथ परीक्षा कक्ष की जानकारी थी। अशोका इंस्टीट्यूट के वाइस चेयरमैन अमित मौर्य के निर्देशन में रजिस्ट्रार असीम देव अपनी टीम के साथ परीक्षा की व्यवस्था में लगे रहे। संस्थान की ओर से जगह-जगह अनुक्रमांक नंबर के साथ कमरा नंबर की सूची चस्पा कराई गई थी।
कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति देने की अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय है। परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों का चयन करने से विद्यार्थियों को भी बहुत कुछ सीखने का मौका मिलता है। -अमित मौर्य, वाइस चेयरमैन, अशोका इंस्टीट्यूट
परीक्षा फाॅर्म भरने के बाद से तैयारी चल रही थी। पेपर बहुत अच्छा रहा। सभी सवालों का जवाब दिए। अच्छे नंबर पाकर छात्रवृत्ति पाने वालों की सूची में नाम दर्ज कराने का सपना है। -प्रिया वर्मा, चुनार
अमर उजाला की छात्रवृत्ति परीक्षा की जानकारी समाचार पत्र से मिली। इसके बाद ऑनलाइन फाॅर्म भरने के बाद से परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। पेपर बहुत अच्छा हुआ। -सरवर, ओदार वाराणसी
ओएमआर शीट पर पहली बार परीक्षा देने की बात सुनकर बहुत डर लग रहा था। पेपर देने के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। इस तरह की परीक्षा देने के बाद बहुत कुछ जानकारी मिली। -अंजलि, मिर्जापुर
परीक्षा देने के लिए सुबह 7 बजे से ही केंद्र पर आ गए थे। पहली बार छात्रवृत्ति के लिए परीक्षा देने का अपना अलग अनुभव हुआ। पेपर में सभी सवालों का जवाब अच्छे से लिखा है। -अनमोल यादव, जौनपुर
दृष्टिबाधितों ने भी दिखाया दम
बांदा में दृष्टिहीनों में भी अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। वे अपने साथ राइटर लेकर आए थे। परीक्षा में शामिल होने के बाद दृष्टिबाधित रोहित ने कहा, ‘पेपर अच्छा हुआ। हमें इस परीक्षा का इंतजार रहता है। ऐसी परीक्षाएं आगे बढ़ने में हमेशा ही सहायक साबित होती हैं।’