वाराणसी: शिवार्चन में गायन, वादन और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को किया आनंदित
मुक्ताकाशीय मंच पर शिवार्चन की शृंखला में दूसरी निशा नृत्य, गायन और वादन के नाम रही। वाराणसी में महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में धर्मार्थ कार्य विभाग एवं संस्कृति विभाग की ओर से राजघाट पर रविवार को आयोजित कार्यक्रम में नृत्य की संयुक्त प्रस्तुति और वाद्य संगम ने श्रोताओं को सबसे अधिक आनंदित किया।
रविवार की शाम को प्रथम प्रस्तुति कथक, भरतनाट्यम एवं ओडिसी की संयुक्त प्रस्तुति के नाम रही। डॉ. प्रियंबदा तिवारी एवं साथी कलाकारों ने शास्त्रीय नृत्य कथक, भरतनाट्यम एवं ओडिसी की संयुक्त प्रस्तुति की। सृष्टि तिवारी, प्रियंबदा तिवारी, ऋ चा पांडेय, श्रेयांशी मुंशी और सौम्या सिंह ने सधी हुई प्रस्तुति दी।
दूसरी प्रस्तुति हरि प्रसाद पौडियाल एवं साथी द्वारा वाद्य संगम पेश किया गया। इसमें बांसुरी, संतूर, सारंगी, तबला की प्रस्तुति संपन्न हुई। बांसुरी पर हरि प्रसाद पौडियाल, सारंगी पर अनीश मिश्रा, संतूर पर नवीन भास्कर, एवं तबले पर सिद्धार्थ चक्रवर्ती एवं अमित ईश्वर ने संगत की।
अंतिम प्रस्तुति में विजय कपूर ने भजनों की प्रस्तुति की। तबले पर बलराम मिश्र, पैड पर अमन मौर्या और आर्गन पर संतोेष मौर्य ने संगत की। संयोजन क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र के प्रभारी डॉ. सुभाष चंद्र यादव ने किया। संचालन अंजना झा ने किया। इस दौरान श्वेतेश उपाध्याय, अतुल कुमार सिंह, बलराम यादव, अनिल कुमार, सुमन अग्रहरि, दिनेश अग्रहरि, रमेशचंद्र उपस्थित थे।