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काशी में अपराजिता रैली: शांतिदूत बने बच्चों ने पेश की वसुधैव कुटुंबकम की तस्वीर
Wed, 16 Jan 2019 11:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 16 Jan 2019 11:15 AM IST
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रैली में आए स्कूली बच्चे
- फोटो : amar ujala
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रवायत, पहनावा और जीवनशैली भले ही अलग हो, हमारी संस्कृति हमेशा से ही वसुधैव कुटुंबकम पर विश्वास करती रही है। बनारस में बुधवार को अमर उजाला अपराजिता की अतिथि देवो भव: रैली में शामिल हुए बच्चों ने इस भरोसे को और दृढ़ता दी।
अलग अलग देशों के पहनावे के साथ वहां का ध्वज लिए बच्चों का कारवां क्वींस इंटर कालेज से सिगरा स्टेडियम की ओर बढ़ा तो यूं लगा पूरी दुनिया ही काशी की सड़क पर समाहित हो गई। कोई संयुक्त अरब अमीरात का शेख बना तो कोई अमेरिका का स्टाइलिश जेंटलमैन।
इन बच्चों ने जर्मनी से लेकर इंग्लैंड, थाईलैंड, रोमानिया, मिस्र, केन्या तक की संस्कृति को अपने पहनावे और वेशभूषा में प्रदर्शित किया। प्रवासी भारतीय सम्मेलन में भी देश दुनिया के अलग अलग हिस्से से मेहमान आ रहे हैं और अमर उजाला की ओर से निकली अतिथि भवो भव: रैली इस आयोजन की एक सुनहरी तस्वीर जैसी बन गई।
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रैली में विश्व की सांस्कृतिक विविधता में एकता का अनूठा रूप देखने को मिला। स्कूलों के बच्चों ने अलग अलग देशों का प्रतिनिधित्व किया और वहां के रहन सहन को दर्शाने वाले परिधान पहनकर रैली का हिस्सा बने।
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अलग अलग देशों के पहनावे के साथ वहां का ध्वज लिए बच्चों का कारवां क्वींस इंटर कालेज से सिगरा स्टेडियम की ओर बढ़ा तो यूं लगा पूरी दुनिया ही काशी की सड़क पर समाहित हो गई। कोई संयुक्त अरब अमीरात का शेख बना तो कोई अमेरिका का स्टाइलिश जेंटलमैन।
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इन बच्चों ने जर्मनी से लेकर इंग्लैंड, थाईलैंड, रोमानिया, मिस्र, केन्या तक की संस्कृति को अपने पहनावे और वेशभूषा में प्रदर्शित किया। प्रवासी भारतीय सम्मेलन में भी देश दुनिया के अलग अलग हिस्से से मेहमान आ रहे हैं और अमर उजाला की ओर से निकली अतिथि भवो भव: रैली इस आयोजन की एक सुनहरी तस्वीर जैसी बन गई।
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रैली में विश्व की सांस्कृतिक विविधता में एकता का अनूठा रूप देखने को मिला। स्कूलों के बच्चों ने अलग अलग देशों का प्रतिनिधित्व किया और वहां के रहन सहन को दर्शाने वाले परिधान पहनकर रैली का हिस्सा बने।
अलग अलग देशों के पहनावे के साथ आए बच्चे
विभिन्न देशों के ध्वज के साथ बच्चे
- फोटो : amar ujala
आर्य महिला इंटर कालेज की छात्राएं सूरीनाम देश के अलौकिक पहनावे में थीं तो उदय प्रताप पब्लिक स्कूल के बच्चे अमेरिकी रंग में नजर आए। सनबीम वरुणा के बच्चों ने थाइलैंड से लोगों को परिचित कराया तो संत अतुलानंद कान्वेंट स्कूल के बच्चों ने कनेडियन रूप धरा।
मुकुलारण्यम इंग्लिश स्कूल के बच्चों ने मिस्र की संस्कृति से परिचित कराया। इसी तरह कोरिया, जापान, आस्ट्रेलिया, ब्रिटेन समेत कई देशों के झंडे लिए बच्चों का काफिला जब रैली का हिस्सा बना तो लोग मुग्ध हो गए। रैली में राष्ट्रीय ध्वज लिए भारत माता के साथ जब अलग अलग देशों के ध्वज लहराया तो अतिथियों के प्रति मन में देवत्व का भाव और उनकी आवभगत को गौरव मानने का संकल्प और सबल हो गया।
मुकुलारण्यम इंग्लिश स्कूल के बच्चों ने मिस्र की संस्कृति से परिचित कराया। इसी तरह कोरिया, जापान, आस्ट्रेलिया, ब्रिटेन समेत कई देशों के झंडे लिए बच्चों का काफिला जब रैली का हिस्सा बना तो लोग मुग्ध हो गए। रैली में राष्ट्रीय ध्वज लिए भारत माता के साथ जब अलग अलग देशों के ध्वज लहराया तो अतिथियों के प्रति मन में देवत्व का भाव और उनकी आवभगत को गौरव मानने का संकल्प और सबल हो गया।