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बीएचयू से हिंदू शब्द हटाने का अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था विरोध
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 17 Aug 2018 12:38 PM IST
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बीएचयू में अटल बिहारी वाजपेयी
- फोटो : file photo
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बीएचयू से हिंदू शब्द हटाने का अटल बिहारी वाजपेयी ने विरोध किया था। बीएचयू राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर कौशल किशोर मिश्र ने बताया कि कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में छागला ने राज्यसभा में एक प्रस्ताव लाया था जिसमें काशी हिंदू विश्वविद्यालय से हिंदू शब्द हटाने की बात कही गई थी, जबकि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से मुस्लिम शब्द हटाने की बात नहीं थी।
इसके विरोध में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने बेनियाबाग मैदान में 1965 में सभा की थी। उस दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय, करपात्री जी, पूर्व वित्त मंत्री हरिश्चंद्र श्रीवास्तव मौजूद थे। वाजपेयी ने इस प्रस्ताव का जोरदार विरोध किया था। जिसका परिणाम आज सामने दिख रहा है।
बीएचयू से जुड़ी अटल जी एक और खास बात यह है कि एक समय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के लिए एक नारा बहुत ही प्रसिद्ध हुआ, वह नारा था अबकी बारी अटल बिहारी। इस नारे की शुरुआत बनारस के काशी हिंदू विश्वविद्यालय से हुई।
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बता दें कि 1996 में जब बीएचयू में एबीवीपी की छात्रसंघ चुनाव में जीत हुई और जेपीएस राठौर अध्यक्ष बने तो बनारस में नारा दिया गया था, अबकी बारी अटल बिहारी। यहीं से यह नारा पूरे देश में फैला।
बीएचयू के एम्फीथिएटर में आठ फरवरी 1996 को छात्रसंघ का उद्घाटन करने वाजपेयी आए थे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में बनारस से जुड़ी एक खास बात यह भी है कि जब वह कभी बनारस आते थे तो मलाई गिलौरी अवश्य खाते थे।
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इसके विरोध में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने बेनियाबाग मैदान में 1965 में सभा की थी। उस दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय, करपात्री जी, पूर्व वित्त मंत्री हरिश्चंद्र श्रीवास्तव मौजूद थे। वाजपेयी ने इस प्रस्ताव का जोरदार विरोध किया था। जिसका परिणाम आज सामने दिख रहा है।
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बीएचयू से जुड़ी अटल जी एक और खास बात यह है कि एक समय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के लिए एक नारा बहुत ही प्रसिद्ध हुआ, वह नारा था अबकी बारी अटल बिहारी। इस नारे की शुरुआत बनारस के काशी हिंदू विश्वविद्यालय से हुई।
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बता दें कि 1996 में जब बीएचयू में एबीवीपी की छात्रसंघ चुनाव में जीत हुई और जेपीएस राठौर अध्यक्ष बने तो बनारस में नारा दिया गया था, अबकी बारी अटल बिहारी। यहीं से यह नारा पूरे देश में फैला।
बीएचयू के एम्फीथिएटर में आठ फरवरी 1996 को छात्रसंघ का उद्घाटन करने वाजपेयी आए थे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में बनारस से जुड़ी एक खास बात यह भी है कि जब वह कभी बनारस आते थे तो मलाई गिलौरी अवश्य खाते थे।