{"_id":"5ed9db318ebc3e90b33b0d11","slug":"astrologers-told-october-month-the-risk-of-corona-infection-will-be-reduced","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिलहाल ग्रह अनुकूल नहीं, ज्योतिषाचार्यों बताया इस महीने से कम हो जाएगा कोरोना संक्रमण का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिलहाल ग्रह अनुकूल नहीं, ज्योतिषाचार्यों बताया इस महीने से कम हो जाएगा कोरोना संक्रमण का खतरा
Fri, 05 Jun 2020 11:12 AM IST
विचित्र सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: विचित्र सिंह
Updated Fri, 05 Jun 2020 11:12 AM IST
विज्ञापन
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा के प्रबुद्ध प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित साप्ताहिक वेबिनार गुरुवारीय अड़ी में ज्योतिषाचार्यों ने विचार रखें। उन्होंने कहा कि ग्रहों के प्रतिकूल होने के कारण कोरोना महामारी की परिस्थिति बनी है। उन्होंने कोरोना का कारण और इससे देश पर पड़ने वाले प्रभाव एवं इसके निराकरण पर चर्चा की।
ज्योतिषाचार्य डॉ. चंद्रमोलि उपाध्याय ने कहा कि ग्रह फिलहाल अनुकूल नहीं है और कोरोना से अक्टूबर 2020 में निजात मिलने की स्थिति बनेगी। उन्होंने कहा कि 26 दिसंबर 2019 को ग्रहण का प्रभाव एवं 6 ग्रहों का एक साथ आना कोरोना का सबसे बड़ा कारण है। शनि और बृहस्पति का एक होना बीमारी का एक बड़ा कारण है।
उन्होंने कहा कि सितंबर तक ग्रहयोग अनुकूल होंगे, 26 सितंबर को बृहस्पति धनु राशि में प्रवेश करेगा। इसके बाद इस महामारी का प्रकोप कम होगा। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने कहा कि ज्यादातर ज्योतिष का विश्लेषण विकट परिस्थितियों में ही किया जाता है।
विज्ञापन
शनि का वक्री होना कोरोना संकट का मूल कारण है। 28 अक्टूबर के बाद शनि मार्गी होगा और तब कोरोना का संक्रमण कम होगा और स्थिति धीरे धीरे सामान्य होगी। 6 जून को आषाढ़ कृष्ण पक्ष शुरू हो रहा है जो इक्कीस जून तक रहेगा और इस बीच तीन शनिवार और तीन रविवार पड़ रहे हैं और यह भी शुभकारी नहीं है।
डॉ रामेश्वर ओझा, गीतकार डॉ बुद्धिनाथ मिश्र ने भी विचार रखें।कार्यक्रम में विषय परिचर्चा धर्मेन्द्र सिंह व डॉ सुनील मिश्र ने किया। इस दौरान डा रामसुधार सिंह, प्रो. श्रद्धानंद, वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष शुक्ल , रजनीश त्रिपाठी, हिमांशु उपाध्याय, दीपक मालवीय, नवरतन राठी आदि प्रमुख रुप से उपस्थित थे।
विज्ञापन
ज्योतिषाचार्य डॉ. चंद्रमोलि उपाध्याय ने कहा कि ग्रह फिलहाल अनुकूल नहीं है और कोरोना से अक्टूबर 2020 में निजात मिलने की स्थिति बनेगी। उन्होंने कहा कि 26 दिसंबर 2019 को ग्रहण का प्रभाव एवं 6 ग्रहों का एक साथ आना कोरोना का सबसे बड़ा कारण है। शनि और बृहस्पति का एक होना बीमारी का एक बड़ा कारण है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सितंबर तक ग्रहयोग अनुकूल होंगे, 26 सितंबर को बृहस्पति धनु राशि में प्रवेश करेगा। इसके बाद इस महामारी का प्रकोप कम होगा। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने कहा कि ज्यादातर ज्योतिष का विश्लेषण विकट परिस्थितियों में ही किया जाता है।
विज्ञापन
शनि का वक्री होना कोरोना संकट का मूल कारण है। 28 अक्टूबर के बाद शनि मार्गी होगा और तब कोरोना का संक्रमण कम होगा और स्थिति धीरे धीरे सामान्य होगी। 6 जून को आषाढ़ कृष्ण पक्ष शुरू हो रहा है जो इक्कीस जून तक रहेगा और इस बीच तीन शनिवार और तीन रविवार पड़ रहे हैं और यह भी शुभकारी नहीं है।
डॉ रामेश्वर ओझा, गीतकार डॉ बुद्धिनाथ मिश्र ने भी विचार रखें।कार्यक्रम में विषय परिचर्चा धर्मेन्द्र सिंह व डॉ सुनील मिश्र ने किया। इस दौरान डा रामसुधार सिंह, प्रो. श्रद्धानंद, वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष शुक्ल , रजनीश त्रिपाठी, हिमांशु उपाध्याय, दीपक मालवीय, नवरतन राठी आदि प्रमुख रुप से उपस्थित थे।