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कृतियों में काशी दर्शन, मूर्तियों में मानव मन
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 04 Jan 2017 01:58 AM IST
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Exhibition
- फोटो : अमर उजाला
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हस्तशिल्प कलाकारों को प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर देने और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पांच दिवसीय हस्तशिल्प कला प्रदर्शनी का मंगलवार को आगाज हुआ। कला संगम की ओर से अस्सी घाट पर सात जनवरी तक चलने वाली प्रदर्शनी में लकड़ी, टेराकोटा और मेटल पर बनी मानव मूर्तियां आकर्षण का केंद्र बन गईं। बतौर मुख्य अतिथि गोपी राधा बालिका इंटर कॉलेज की प्राचार्या डॉ.माधुरी पांडेय, समाजसेवी रविशंकर मिश्र ने प्रदर्शनी को कला के विकास की दिशा में अहम बताया।
बांस, लकड़ी और मोतियों से बनी मूर्तियों, इंटीरियर के सामानों के साथ ही काशी के घाट और जीवन दर्शन पर आधारित चित्रकृतियों ने हर किसी का ध्यान खींचा। कला विशेषज्ञों ने इस तरह के कदम को कलाकारों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में अहम बताया। प्रदर्शनी की संयोजिका सुमन सिंह ने बताया कि प्रदर्शनी में पेंटिंग, बांस शिल्प, मूर्तिकला, फोटोग्राफी, क्षेत्रीय रंगोली कला, फैशन ड्रेस पेंटिंग, बाटल पेटिंग, पेपर ज्वेलरी आदि कलाओं का प्रदर्शन किया गया है। इस दौरान गजराज, दिलीप, संजीव, संगीता, प्रतिभा सहित कई लोग मौजूद रहे।इस प्रदर्शनी में 15 से अधिक कलाकारों की दो सौ से अधिक कृतियों को जगह दी गई है।
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बांस, लकड़ी और मोतियों से बनी मूर्तियों, इंटीरियर के सामानों के साथ ही काशी के घाट और जीवन दर्शन पर आधारित चित्रकृतियों ने हर किसी का ध्यान खींचा। कला विशेषज्ञों ने इस तरह के कदम को कलाकारों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में अहम बताया। प्रदर्शनी की संयोजिका सुमन सिंह ने बताया कि प्रदर्शनी में पेंटिंग, बांस शिल्प, मूर्तिकला, फोटोग्राफी, क्षेत्रीय रंगोली कला, फैशन ड्रेस पेंटिंग, बाटल पेटिंग, पेपर ज्वेलरी आदि कलाओं का प्रदर्शन किया गया है। इस दौरान गजराज, दिलीप, संजीव, संगीता, प्रतिभा सहित कई लोग मौजूद रहे।इस प्रदर्शनी में 15 से अधिक कलाकारों की दो सौ से अधिक कृतियों को जगह दी गई है।
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