फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Assi drain Sewer treatment done through UV photocatalysis technology

Varanasi: खास तकनीक से हो रहा अस्सी नाले के सीवर का शोधन, नमामि गंगे परियोजना के तहत साकार हो रहा संकल्प

Mon, 08 Apr 2024 05:00 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Mon, 08 Apr 2024 05:00 PM IST
सार

नमामि गंगे परियोजना के तहत सीवर मुक्त गंगा का संकल्प साकार हो रहा है। इसी क्रम में रोजाना 30 एमएलडी सीवर का शोधन एडवांस्ड ऑक्सीडेशन प्रोसेस से हो रहा है। 50 एमएलडी सीवर को नगवां पंपिंग स्टेशन से रमना एसटीपी भेजा जा रहा है।

विज्ञापन
Assi drain Sewer treatment  done through UV photocatalysis technology
अस्सी क्षेत्र में नाला (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अस्सी नाले के सीवर का शोध यूवी फोटोकैटलिसिस तकनीक से किया जा रहा है। रोजाना 30 एमएलडी सीवर के शोधन के लिए एडवांस्ड ऑक्सीडेशन प्रोसेस को अपनाया जा रहा है। ट्रायल के तौर पर सीवर शोधन की प्रक्रिया शुरू होने से नमामि गंगे परियोजना के तहत जल्द ही अस्सी नाले के संपूर्ण सीवर को सीधे गंगा में जाने से रोका जा सकेगा।
विज्ञापन


रविवार को संत रविदास घाट के बगल में स्थित नगवां पंपिंग स्टेशन पर नमामि गंगे की टीम ने सीवर शोधन की प्रक्रिया को जांचा और परखा। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ल के नेतृत्व में पहुंची टीम को अस्सी नाले के 30 एमएलडी सीवर की शोधन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। फिलहाल अस्सी नाले के 50 एमएलडी सीवर को नगवां पंपिंग स्टेशन से रमना सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भेजा जा रहा है। वहीं अस्सी नाले के बचे हुए 30 एमएलडी सीवर को उन्नत ऑक्सीकरण प्रक्रिया के द्वारा शोधित किया जा रहा है। 
विज्ञापन


इंजीनियर आशुतोष सिंह और ऑपरेटर प्रशांत सिंह ने बताया कि अभी यह प्रक्रिया ट्रायल के रूप में शुरू हुई है। उन्नत ऑक्सीकरण प्रक्रिया (एडवांस्ड ऑक्सीडेशन प्रोसेस) के जल उपचार के क्षेत्र में कई फायदे हैं। इस नई तकनीक से अब खराब और गंदे पानी को भी पीने के लायक बनाया जा सकेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यूवी-फोटोकैटलिसिस पर आधारित यह तकनीक नगर निगम के सीवेज और औद्योगिकी इकाइयों से निकलने वाले अत्यधिक प्रदूषित खराब पानी का भी ट्रीटमेंट कर सकती है। काशी क्षेत्र के संयोजक ने कहा कि भारत की शाश्वत पहचान आस्था और आजीविका मां गंगा के लिए नमामि गंगे परियोजना के तहत किया जा रहा कार्य संजीवनी साबित हो रहा है। 

गंगा निर्मलीकरण के लक्ष्य को साकार करने के लिए नमामि गंगे परियोजना संकल्पित है। इस दौरान इंजीनियर आशुतोष सिंह व आपरेटर प्रशांत सिंह मौजूद रहे।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed