{"_id":"5ee922ab8ebc3e42fb10a35c","slug":"arya-mahila-pg-collage-city-news-vns5305648152","type":"story","status":"publish","title_hn":"लहसुन, हल्दी संग योग और ध्यान से बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लहसुन, हल्दी संग योग और ध्यान से बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता
विज्ञापन
वाराणसी। कोविड-19 के दौर में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोगों को अपने आहार में अधिक मात्रा में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए। यह कहना था सोफिया हार्ट हॉस्पिटल एंड यूनिवर्सिटी बेल्जियम की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. क्रासी मीरा हृतसोवा का। वो बतौर मुख्य वक्ता मंगलवार को आर्य महिला पीजी कॉलेज गृह विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेबिनार को संबोधित कर रही थीं।
‘स्वस्थ जीवन के लिए आज की आवश्यकता’ विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि विटामिन डी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए सूर्य का प्रकाश बहुत आवश्यक है। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लहसुन, हल्दी और विटामिन सी का सेवन करने के साथ ध्यान और योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। कार्यक्रम की दूसरी वक्ता गोविंद बल्लभ पंत यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ होमसाइंस की प्रोफेसर रीता सिंह रघुवंशी रहीं। उन्होंने बताया कि न्यूट्रास्यूटिकल को उसी तरह से विनियमित नहीं किया जा सकता जैसे ड्रग्स होते हैं। न्यूट्रास्यूटिकल्स का प्राथमिक लक्ष्य उत्तम स्वास्थ्य को बनाए रखना और बीमारी से बचाव है। वेबिनार में पोलैंड से प्रोफेसर आरबी सिंह ने वायरल संक्रमण के संदर्भ में प्रतिरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली में न्यूट्रीशनल माड्यूलेटर की भूमिका विषय पर चर्चा की। वेबिनार में देश के विभिन्न राज्यों से 475 लोगों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर कॉलेज के प्रबंधक डॉ. शशिकांत दीक्षित, प्राचार्य प्रोफेसर रचना दुबे, डॉ. मंजू मेहरोत्रा, डॉ. ऋचा मिश्रा, डॉ. दीपिका बरनवाल आदि शामिल रहीं।
विज्ञापन
‘स्वस्थ जीवन के लिए आज की आवश्यकता’ विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि विटामिन डी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए सूर्य का प्रकाश बहुत आवश्यक है। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लहसुन, हल्दी और विटामिन सी का सेवन करने के साथ ध्यान और योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। कार्यक्रम की दूसरी वक्ता गोविंद बल्लभ पंत यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ होमसाइंस की प्रोफेसर रीता सिंह रघुवंशी रहीं। उन्होंने बताया कि न्यूट्रास्यूटिकल को उसी तरह से विनियमित नहीं किया जा सकता जैसे ड्रग्स होते हैं। न्यूट्रास्यूटिकल्स का प्राथमिक लक्ष्य उत्तम स्वास्थ्य को बनाए रखना और बीमारी से बचाव है। वेबिनार में पोलैंड से प्रोफेसर आरबी सिंह ने वायरल संक्रमण के संदर्भ में प्रतिरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली में न्यूट्रीशनल माड्यूलेटर की भूमिका विषय पर चर्चा की। वेबिनार में देश के विभिन्न राज्यों से 475 लोगों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर कॉलेज के प्रबंधक डॉ. शशिकांत दीक्षित, प्राचार्य प्रोफेसर रचना दुबे, डॉ. मंजू मेहरोत्रा, डॉ. ऋचा मिश्रा, डॉ. दीपिका बरनवाल आदि शामिल रहीं।
विज्ञापन