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तबादले के 18 महीने बाद भी सीट पर जमा है लिपिक
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वाराणसी। 18 महीने पहले वाराणसी परिवहन विभाग कार्यालय में तैनात लिपिक का तबादला सोनभद्र कर दिया गया और अपर परिवहन आयुक्त ने सोनभद्र तैनाती नहीं करने पर वेतन पर रोक लगा दी। मगर, परिवहन कार्यालय वाराणसी ने शासन के आदेश को दरकिनार कर दिया। लिपिक को कार्यालय में महत्वपूर्ण पंजीकरण पलट की जिम्मेदारी दे दी गई। उधर, एआरटीओ का कहना है कि आदेश की जानकारी नहीं है, शायद मेडिकल के आधार पर तबादला रोका गया था। हालांकि तबादले की रोक का आदेश मैंने नहीं देखा है।
दरअसल, प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय में जनसुनवाई में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से शिकायत की गई थी कि परिवहन कार्यालय में तैनात लिपिक अतुल सिंह का तबादला मई 2018 में सोनभद्र कर दिया गया। अपर परिवहन आयुक्त प्रशासन आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया कि वरिष्ठ सहायक द्वारा नवीन तैनाती के स्थान पर योगदान नहीं दिया जाता है तो उसका वेतन परिवहन मुख्यालय की अनुमति के बिना नहीं जारी किया जाए। मगर, अधिकारियों ने वरिष्ठ सहायक अतुल सिंह को वाराणसी कार्यालय से रिलीव नहीं किया। मेडिकल आदि की आड़ में वह 18 महीने से अपनी सीट पर जमा हुआ है। यह पूरे कार्यालय में चर्चा का विषय बना है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पूरे मामले में प्रथम दृष्टया अफसरों की लापरवाही मानी है और परिवहन आयुक्त को पत्र लिखकर अतुल कुमार सिंह को तत्काल सोनभद्र रवाना करने का निर्देश दिया है।
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दरअसल, प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय में जनसुनवाई में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से शिकायत की गई थी कि परिवहन कार्यालय में तैनात लिपिक अतुल सिंह का तबादला मई 2018 में सोनभद्र कर दिया गया। अपर परिवहन आयुक्त प्रशासन आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया कि वरिष्ठ सहायक द्वारा नवीन तैनाती के स्थान पर योगदान नहीं दिया जाता है तो उसका वेतन परिवहन मुख्यालय की अनुमति के बिना नहीं जारी किया जाए। मगर, अधिकारियों ने वरिष्ठ सहायक अतुल सिंह को वाराणसी कार्यालय से रिलीव नहीं किया। मेडिकल आदि की आड़ में वह 18 महीने से अपनी सीट पर जमा हुआ है। यह पूरे कार्यालय में चर्चा का विषय बना है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पूरे मामले में प्रथम दृष्टया अफसरों की लापरवाही मानी है और परिवहन आयुक्त को पत्र लिखकर अतुल कुमार सिंह को तत्काल सोनभद्र रवाना करने का निर्देश दिया है।
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