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Varanasi News: आशू बाबू को कलाकारों ने दी संगीतांजलि
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- पूर्व मंत्री सुबोधकांत सहाय, पं. राजेश्वर आचार्य व पं. ॠत्विक ने चढ़ाए पुष्प
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। तुलसीघाट स्थित ध्रुपद तीर्थ पर प्रख्यात तबला वादक कविराज पं. आशुतोष भट्टाचार्य उर्फ आशू बाबू को कलाकारों ने संगीतांजलि अर्पित की। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, संगीतज्ञ पं. राजेश्वर आचार्य, ध्रुपद गायक पं. ॠत्विक सान्याल, पं. आशुतोष भट्टाचार्य, तबला वादक पूरन महाराज, पं. राजेंद्र तिवारी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनिल श्रीवास्तव, प्रजानाथ शर्मा आदि ने आशू बाबू के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद कलाकारों ने उन्हें भावांजलि दी। नीलरंजन मुखर्जी ने गिटार पर अलापचारी के बाद विलंबित तीन ताल में द्रुत, मध्यलय एवं गत बजाया। अपने गुुरु पं. देबू चौधरी की धुन से समापन किया। तबले पर दुर्जय भौमिक ने संगत की। दूसरी प्रस्तुति आर्चिक बनर्जी की एकल तबला वादन की रही। अंत में पं. रितेश-रजनीश मिश्र ने शास्त्रीय गायन से आनंदित किया। उन्होंने विभिन्न रागों में बंदिशों को पेश किया। इनके साथ तबले पर वीरेंद्र सिंह, हारमोनियम पर मोहित साहनी ने संगत की। इस दौरान डॉ. जितेंद्र मिश्रा को सम्मानित किया गया। संचालन अभिषेक शर्मा और सौरभ चक्रवर्ती ने किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। तुलसीघाट स्थित ध्रुपद तीर्थ पर प्रख्यात तबला वादक कविराज पं. आशुतोष भट्टाचार्य उर्फ आशू बाबू को कलाकारों ने संगीतांजलि अर्पित की। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, संगीतज्ञ पं. राजेश्वर आचार्य, ध्रुपद गायक पं. ॠत्विक सान्याल, पं. आशुतोष भट्टाचार्य, तबला वादक पूरन महाराज, पं. राजेंद्र तिवारी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनिल श्रीवास्तव, प्रजानाथ शर्मा आदि ने आशू बाबू के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद कलाकारों ने उन्हें भावांजलि दी। नीलरंजन मुखर्जी ने गिटार पर अलापचारी के बाद विलंबित तीन ताल में द्रुत, मध्यलय एवं गत बजाया। अपने गुुरु पं. देबू चौधरी की धुन से समापन किया। तबले पर दुर्जय भौमिक ने संगत की। दूसरी प्रस्तुति आर्चिक बनर्जी की एकल तबला वादन की रही। अंत में पं. रितेश-रजनीश मिश्र ने शास्त्रीय गायन से आनंदित किया। उन्होंने विभिन्न रागों में बंदिशों को पेश किया। इनके साथ तबले पर वीरेंद्र सिंह, हारमोनियम पर मोहित साहनी ने संगत की। इस दौरान डॉ. जितेंद्र मिश्रा को सम्मानित किया गया। संचालन अभिषेक शर्मा और सौरभ चक्रवर्ती ने किया।
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