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यूपी के इन दो जिलों में कृत्रिम वर्षा कराएगी सरकार, यह है तकनीक

Sun, 30 Sep 2018 09:47 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Updated Sun, 30 Sep 2018 09:47 AM IST
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Artificial rain in mahoba and mirzapur by yogi government
सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह - फोटो : amar ujala
यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार में सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि कृत्रिम वर्षा कराई जाएगी। शनिवार को बनारस पहुंचे मंत्री ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि प्रदेश के दो जिलों में बारिश कराने का प्लान है।
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पहले महोबा में और बाद में मिर्जापुर में कृत्रिम बारिश कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि चीन से 10.5 करोड़ रुपये में कृत्रिम बारिश की तकनीक देने के लिए अनुबंध हुआ था। बाद में चीन ने तकनीक देने से मना कर दिया।
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सरकार ने कहा कि हम ग्लोबल टेंडर कराएंगे आपके लोग यहां आकर कृत्रिम बारिश कराएं। इसके बाद भी चीन तैयार नहीं हुआ है। इसके बाद सरकार ने फैसला लिया कि स्वदेशी तकनीक विकसित करेंगे। आईआईटी कानपुर की मदद से 5.5 करोड़ रुपये में महोबा में पहली बार कृत्रिम बारिश कराएंगे।
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इस तकनीक में नमक और बर्फ हेलीकाप्टर से लेकर ऊपर छोड़ते हैं। इस दौरान बादलों को नीचे लाया जाता है। 5.5 करोड़ में एक हजार वर्ग किमी में बारिश होगी। महोबा के बाद मिर्जापुर में कृत्रिम बारिश कराएंगे। पहले पथरीले स्थानों पर कृत्रिम बारिश कराएंगे। इसके बाद अन्य इलाकों में बारिश होगी।

साथ ही उन्होंने कहा कि अंतरराज्यीय स्तर पर नदियों का बंटवारा किया गया है। हाल ही में केन, बेतवा नदी को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच एमओयू हुआ है। इसके तहत केन का 22 प्रतिशत पानी यूपी को मिलेगा। धर्मपाल सिंह ने कहा कि यूपी में दो सूखा क्षेत्र बुंदेलखंड और विंध्याचल हैं। किसानों का पलायन और आत्महत्याएं न हो इसके लिए काम किया जा रहा है। 

नदियों को पुनर्जीवित करने का काम शुरू 

Artificial rain in mahoba and mirzapur by yogi government
धर्मपाल सिंह - फोटो : amar ujala
मंत्री ने कहा कि योगी सरकार ने विलुप्त नदियों को पुनर्जीवित करने का काम शुरू किया है। इसके लिए नदी संरक्षण पुनर्जीवीकरण सेल का गठन किया गया है। इसके अध्यक्ष सिंचाई विभाग के सचिव हैं। बनारस में वरुणा, पीलीभीत में गोमती, बरेली में अरल, बदायूं में आमीन स्रोत, हरदोई में सई, अयोध्या में तमसा, बस्ती में मनोरमा, गोरखपुर में आमी नदी है, जिन्हें पुनर्जीवित किया जा रहा है। जनता के सहयोग से पीलीभीत में गोमती नदी में 48 किमी की खुदाई कराई गई।

सिंचाई मंत्री ने कहा कि कहीं नहर कटेगी तो सिंचाई विभाग के जेई का निलंबन होगा और नहर काटने वाले किसान पर एफआईआर होगी। 2020 तक दिल्ली और बंगलूरू में भूजल खत्म हो जाएगा। इस नाते सरफेस वाटर के इस्तेमाल पर सरकार का जोर है।

धर्मपाल सिंह ने कहा कि चार राष्ट्रीय परियोजनाओं को पिछली सपा सरकार ने पूरा नहीं कराया। यहां तक की केंद्र से आई धनराशि भी नहीं दी। देश की तरक्की सिंचाई से बेहतर होगी।

पहला मध्य गंगा नदी परियोजना का काम शुरू हो गया है। दूसरा सरयू नहर परियोजना से पूर्वांचल के नौ जिलों को लाभ मिलेगा। इससे बाढ़  विनाशकारी नहीं बल्कि लाभकारी साबित होगी। बाढ़ का पानी सरयू में डालेंगे। तीसरी बाण सागर परियोजना का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। चौथी अर्जुन सहायक बुंदेलखंड परियोजना 2018 में पूरी हो जाएगी। 

डूब क्षेत्र के अवैध निर्माणों को गिरवाएंगे डीएम-एसएसपी 

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सिंचाई मंत्री - फोटो : amar ujala
सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि नदियों के संरक्षण के लिए डूब क्षेत्र के अवैध निर्माणों को गिराने के लिए डीएम, एसएसपी को निर्देश दिया गया है। पहले चरण में वरुणा और दूसरे चरण में असि नदी को पुनर्जीवित किया जाएगा। वरुणा कॉरिडोर में खेल करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। कॉरिडोर का निरीक्षण रविवार को मैं खुद करूंगा।

इस बार चार गुना अधिक बारिश हुई है। पिछली बार 50 तटबंध कटे थे, इस बार एक भी नहीं कटे। पिछली बार 80 करोड़ रुपये मिले थे, इस बार 385 करोड़ रुपये जल संरक्षण के लिए मिला है। उन्होंने कहा कि पहले टेल तक पानी पहुंचाने को नहर फीड माना जाता था। अब ऐसा नहीं होगा। किसान के खेत तक पानी पहुंचाने पर ही नहर फीड माना जाएगा।

उन्होंने कहा कि इजराइल की ड्रिप सिंचाई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत सीमांत किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। राजकीय नलकूप से ड्रिप सिंचाई होगी। बनारस के चिरईगांव में इसे लागू किया जा रहा है। जिसका लोकार्पण एमएलसी केदारनाथ सिंह करेंगे। 
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