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रक्षाबंधन से पहले भाइयों ने गिफ्ट दियाः अपराजिता सोनकर
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 29 Jul 2017 01:29 AM IST
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अपराजिता सोनकर
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी जिला पंचायत में पहली बार किसी दल की ओर से लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर गया। सपा की जीत में अपराजिता सोनकर की छवि काम आई।
कपसेठी हाउस और अमित सोनकर बनाम इंजीनियर अपराजिता की छवि ही थी कि उनकेे समर्थन में सपा सदस्य तो एकजुट हुए ही बसपा भी उनके साथ थी। अपना दल की कृष्णा पटेल ने भी अपराजिता को बुलाकर समर्थन दिया था। उनकी पार्टी का एक सदस्य सपा के साथ था।
अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद अपराजिता सोनकर जब पंचायत भवन स्थित अपने चैंबर में पहुंची तो बेहद खुश थीं। आभार जताते हुए पंचायत सदस्यों और पार्टी नेताओं से कहा कि भाइयों ने रक्षाबंधन के पहले ही बहन को गिफ्ट दे दिया।
शाबाश अपराजिता, ये बिहार नहीं, बनारस है
वाराणसी जिला पंचायत की कुर्सी पर बरकरार रखने के बाद शुक्रवार को पूरे दिन अपराजिता सोनकर सोशल मीडिया में छा गईं। सपा नेताओं ने तो जिला पंचायत की जीत को बिहार से जोड़ते हुए व्यंग्य किए।
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दर्जा प्राप्त पूर्व मंत्री मनोज राय धूपचंडी ने लिखा ‘शाबाश अपराजिता और आपके जांबाज साथी। ये बिहार नहीं बनारस है’। जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष यादव ने लिखा कि सपा ने दुश्मनों को धूल चटा दी है। न तो पुलिस और न ही नोटों की गड्डियां सपा सदस्यों को डिगा सकीं।
आनंद मोहन यादव गुड्ड ने लिखा कि जिला पंचायत में सपा की विजय बरकरार, अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिरा। अखिलेश यादव जिंदाबाद। महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल ने टिप्पणी की- बधाई हो अपराजिता, अंतत: नहीं कर सके तुमको पराजित।
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कपसेठी हाउस और अमित सोनकर बनाम इंजीनियर अपराजिता की छवि ही थी कि उनकेे समर्थन में सपा सदस्य तो एकजुट हुए ही बसपा भी उनके साथ थी। अपना दल की कृष्णा पटेल ने भी अपराजिता को बुलाकर समर्थन दिया था। उनकी पार्टी का एक सदस्य सपा के साथ था।
अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद अपराजिता सोनकर जब पंचायत भवन स्थित अपने चैंबर में पहुंची तो बेहद खुश थीं। आभार जताते हुए पंचायत सदस्यों और पार्टी नेताओं से कहा कि भाइयों ने रक्षाबंधन के पहले ही बहन को गिफ्ट दे दिया।
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शाबाश अपराजिता, ये बिहार नहीं, बनारस है
वाराणसी जिला पंचायत की कुर्सी पर बरकरार रखने के बाद शुक्रवार को पूरे दिन अपराजिता सोनकर सोशल मीडिया में छा गईं। सपा नेताओं ने तो जिला पंचायत की जीत को बिहार से जोड़ते हुए व्यंग्य किए।
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दर्जा प्राप्त पूर्व मंत्री मनोज राय धूपचंडी ने लिखा ‘शाबाश अपराजिता और आपके जांबाज साथी। ये बिहार नहीं बनारस है’। जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष यादव ने लिखा कि सपा ने दुश्मनों को धूल चटा दी है। न तो पुलिस और न ही नोटों की गड्डियां सपा सदस्यों को डिगा सकीं।
आनंद मोहन यादव गुड्ड ने लिखा कि जिला पंचायत में सपा की विजय बरकरार, अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिरा। अखिलेश यादव जिंदाबाद। महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल ने टिप्पणी की- बधाई हो अपराजिता, अंतत: नहीं कर सके तुमको पराजित।
इस बार मामा नहीं बना 'कंस'
अपराजिता सोनकर
- फोटो : अमर उजाला
जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिरने से भाजपा की किरकिरी हुई है लेकिन सच्चाई यह है कि अपराजिता को अध्यक्ष पद पर जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले उनके मामा कैलाश सोनकर ने दूसरी बार भांजी की कुर्सी बचा ली।
चर्चा रही कि अजगरा से भासपा-भाजपा गठबंधन के विधायक सोनकर को जिला पंचायत के छह सदस्य लेकर आने था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
पार्टी सूत्रों की मानें तो सोनकर भाजपा द्वारा आगे किए जा रहे जिला पंचायत सदस्य अमित सोनकर को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने के पक्ष में नहीं थे। जानकारी होने पर अमित ने अपने जिला पंचायत सदस्य पद से इस्तीफा देने की पेशकश की। फिर भी बात नहीं बन पाई।
चर्चा रही कि अजगरा से भासपा-भाजपा गठबंधन के विधायक सोनकर को जिला पंचायत के छह सदस्य लेकर आने था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
पार्टी सूत्रों की मानें तो सोनकर भाजपा द्वारा आगे किए जा रहे जिला पंचायत सदस्य अमित सोनकर को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने के पक्ष में नहीं थे। जानकारी होने पर अमित ने अपने जिला पंचायत सदस्य पद से इस्तीफा देने की पेशकश की। फिर भी बात नहीं बन पाई।