भटक रहे आवेदक... : जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र से जुड़ीं 800 फाइलें लापता, निगम कार्यालय में रोज तू-तू, मैं-मैं
जन्म-मृत्यु फाइलें लापता होने के बाद आवेदक परेशान हो रहे हैं। बर्थ सर्टिफिकेट के कारण वे बच्चों को एडमिशन नहीं करा पा रहे हैं। डेथ सर्टिफिकेट के कारण उन्हें बैंक, गैस बुकिंग सेंटर, राशन कार्ड बनवाने संबंधी कामों में दिक्कतें हो रही हैं।
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Nagar Nigam Varanasi : नगर निगम में जन्म-मृत्यु से जुड़ी तकरीबन 800 फाइलें लापता हो गई हैं। नगर निगम कार्यालय में प्रतिदिन 70 से 80 लोग पहुंच रहे हैं। जो अपनी फाइलों को खोज रहे हैं। वे नगर निगम मुख्यालय, जोनल कार्यालय और तहसील सदर की दौड़ लगा रहे हैं। बावजूद इसके फाइलें नहीं मिल रही हैं। इसे लेकर आए दिन कार्यालय में तकझक हो रही है।
जानकारों के अनुसार फाइलों के रखरखाव में कमी के कारण ऐसी स्थिति आई है। इन फाइलों में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र से जुड़े आवेदन हैं। जिसकी जांच के बाद प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। एक के बाद एक नए नियमों के चलते प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया काफी जटिल हो चुकी है।
कहीं स्कूल में दाखिले के लिए माता पिता बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र के लिए परेशान हैं तो कहीं पत्नी-पति का मृत्यु प्रमाणपत्र बैंक में जमा करने के लिए परेशान हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कुछ नहीं किया जा रहा है।
नियमों के अनुसार 21 दिनों के भीतर निशुल्क जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के पोर्टल आए दिन धीमा चलने की समस्या आती है। इसके अलावा तहसील से सत्यापन के चक्कर में फाइलें फंसी रहती हैं। पार्षद भी इस मुद्दे को सदन में उठा चुके हैं।
केस 1 - सामनेघाट के बालमुकुंद ने अपने बेटे का प्रमाणपत्र बनवाने आवेदन किया था। बीते 25 दिनों से वे एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन फाइल का अतापता न होने से काफी दिक्कत आ रही है। इसके लिए उन्होंने शिकायत भी की है।
केस 2 - चेतगंज के रामनिवास पाठक ने अपनी बेटी का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए दो माह पूर्व आवेदन किया था। उनकी फाइल भी नहीं मिल रही है। उन्हें एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय दौड़ाया जा रहा है। कभी रजिस्टर नहीं मिलने तो कभी फाइल न मिलने के नाम पर टरकाया जा रहा है।
बोले अधिकारी
गुम फाइलों की खोजबीन की जा रही है। 1400 फाइलें मिल गई हैं। जोनल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है आवेदनकर्ता से फोन कर उनकी फाइलों का निस्तारण करें। पोर्टल धीमा चलने की शिकायत मुख्यालय से की गई है। - डॉ. सुरेंद्र चौधरी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी