Sports: काशी में बोलीं अनुश्री घोष- बडे़ मैचों से ही निखरेगा खिलाड़ियों का प्रदर्शन, चैंपियनशिप से बना माहौल
Varanasi News: महिला टीम की राष्ट्रीय चयनकर्ता ने अमर उजाला से बातचीत की। कहा कि लीग में यूपी की लड़कियों ने असाधारण खेल दिखाया है। वाराणसी में सीनियर नेशनल की मेजबानी से पूरे उत्तर भारत में खेल का माहौल बन रहा है।
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National Volleyball Championship in Varanasi: पूर्व अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी और भारतीय वॉलीबॉल संघ द्वारा गठित एथलेटिक कमिशन की सदस्य अनुश्री घोष ने कहा कि भारतीय वॉलीबाॅल टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ने के लिए जरूरी है कि उन्हें न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग मिले, बल्कि उन्हें बड़ें टूर्नामेंट में खेलने का मौका भी मिलना चाहिए।
बड़ी टीमों के साथ खेलने से उनके प्रदर्शन में गुणात्मक बदलाव आएगा और खिलाड़ियों का प्रदर्शन निखरेगा। उन्होंने कहा कि वाराणसी में सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप की मेजबानी से न केवल यूपी बल्कि पूरे उत्तर भारत में खेल का नया माहौल बना है।
यहां 72वें सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में बतौर चयनकर्ता मौजूद अनुश्री घोष ने कहा कि वॉलीबॉल में भारत का भविष्य उज्जवल है, बशर्ते खिलाड़ियों को अधिक से अधिक मैच खेलने को मिले। महिला खिलाड़ियों के कद को लेकर पूछे गए सवाल पर अनुश्री ने कहा, वॉलीबॉल में कद काफी मायने रखता है।
खासकर ब्लॉकिंग और अटैकिंग के समय लंबी कद काठी के खिलाड़ी को एडवांटेज मिलता है। ऐसे में राष्ट्रीय टीम के चयन करते समय उनका भी पूरा फोकस खिलाड़ियों के कद, स्कील, स्टेमिना और उनके डिफेंस पर ज्यादा होगा। उन्होंने कहा कि केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में वॉलीबॉल को लेकर जबर्दस्त क्रेज है।
यहां की पुरुष और महिला दोनों ही टीमें अच्छा खेल रही हैं। जब उनसे यूपी की महिला टीम के प्रदर्शन के बाबत सवाल पूछा गया तो अनुश्री ने कहा कि यूपी की लड़कियों ने लीग चरण में असाधारण प्रदर्शन किया है। टीम का कांबिनेशन अच्छा है। उन्होंने कहा कि यूपी टीम की दो-तीन खिलाड़ियों ने अपने खेल से प्रभावित किया है।
बतौर चयनकर्ता, मेरी नजर उन पर है। एथलेटिक कमीशन की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अनुश्री ने कहा कि मेरी भूमिका वॉलीबॉल संघ और खिलाड़ियों के बीच एक सेतु की है। संघ में खिलाड़ियों का पक्ष रखने के लिए मुझे चुना गया है। ताकि नेशनल कैंप हो या कोई टूर्नामेंट खिलाड़ियों को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो। उनकी हर परेशानी और शिकायतों का निवारण करना ही एथलेटिक कमिशन की जिम्मेदारी है।