फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Animals dying daily in Ballia's government animal shelter house

सरकारी पशु आश्रय स्थल में मर रहे बेजुबान, कुत्ते नोच रहे पर एसडीएम को देखने की फुर्सत नहीं

Thu, 16 Jan 2020 06:23 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Thu, 16 Jan 2020 06:23 PM IST
विज्ञापन
Animals dying daily in Ballia's government animal shelter house
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

बलिया जिले के विकासखण्ड मुरली छपरा के भगवानपुर गांव में बने सरकारी पशु आश्रय गृह में बछड़ों के मरने के बाद उन्हें गाड़ने तक का जहमत कोई देखरेख करने वाले नही उठा रहे हैं। मरे बछड़ों को कुत्ते नोंच-नोंच कर खा रहे हैं और विभागीय लोगों को देखने की भी फुर्सत नही है। बछड़ों के मरने के सड़ांध से आस-पास के लोगों का जीना दूभर हो गया है।

विज्ञापन


योगी सरकार ने आवारा पशुओं की देखरेख के लिए पशु आश्रय गृह खोलने के निर्देश सभी जिला प्रशासन को दिए थे और उन पशुओं को देखरेख के लिए सरकारी खजाने से भारी भरकम राशि खर्च भी हो रही है। इसी क्रम में विकासखण्ड मुरली छपरा के भगवानपुर में बने पशु आश्रय केन्द्र में पशु रखे गये हैं। इसमे बछड़े मरने पर उन्हें बगीचे में ऐसे ही फेंक दिया जा रहा है।

विज्ञापन

 

इससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है। ग्रामीणों ने दुर्गंध से आजिज आकर स्थानीय भाजपा नेता रणधीर सिंह नन्हे को सूचना दी। नन्हे मौके पर पहुंचे तो स्थिति देखकर दंग रह गए। वहां गुरुवार को मरे तीन बछड़ों को कुत्ते नोच रहे थे। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। पर लापरवाही की हद देखिए कि सूचना मिलने के बावजूद देर शाम तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

पशुओं की देखरेख कर रहे बलदेव से बात की गई तो उनका कहना था कि एक माह के अन्दर करीब पंद्रह बछड़े मरे हैं। सबके शव यूं ही पड़े रहे और उन्हें कुत्ते नोचते रहे। उपजिलाधिकारी अशोक चौधरी ने कहा कि आज ही फोन पर मामले की जानकारी मिली है। अभी मैं दूसरे काम मे व्यस्त हूं कल मौके पर जाकर देखूंगा और गलती पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

एक पशु पर 25 ग्राम मिलता है चोकर

इस पशु आश्रय स्थाल में पशुओं को पर्याप्त चारा तक नसीब नहीं होता। वहां पशुओं की देखरेख करने वाले बलदेव ने बताया कि प्रत्येक पशु पर 20 से 25 ग्राम चोकर जोड़कर मिलता है ऐसे में पशुओं का पेट नहीं भर पाता। इसी कारण या तो कुछ बछड़े यहाँ से भाग जाते हैं कुछ मर जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed