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Varanasi News: काशी तमिल संगमम की तर्ज पर देश के पुरातन शहरों का होगा मिलन
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एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार बनाने के लिए आयोजित काशी तमिल संगमम में देश के दूसरे राज्यों को जोड़ा जाएगा। मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा सहित अन्य राज्यों के प्रतिनिधि मंडल काशी तमिल संगमम में शामिल होंगे और अपने शहरों के देश के दूसरे राज्य के स्थानों से अध्यात्मिक व पौराणिक जुड़ाव पर अध्ययन करेंगे। भविष्य की संभावना तलाशने के साथ ही संगमम की तर्ज पर अन्य राज्यों में ऐसे आयोजन की तैयारी कराई जाएगी।
काशी तमिल संगमम की तर्ज पर पूरे देश में शहरों का मिलन होगा। इसके लिए शिक्षा मंत्रालय सहित अन्य मंत्रालयों को जोड़कर रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसी प्रकार अन्य शहरों में कार्यक्रम कराए जाएंगे। वहां के प्रमुख लोगों को बुलाने के साथ कला, संस्कृति और सभ्यता का आदान प्रदान होगा। मंत्रालय की ओर से पत्र भेजकर राज्यों से विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार शिक्षा मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों को काशी के आयोजन में आमंत्रित कर उनके यहां भी ऐसे आयोजन की रूपरेखा तैयार कराई जाएगी। इसमें मध्यप्रदेश के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर से दक्षिण भारत के राज्यों से जुड़ाव पर अध्ययन कराया जाएगा। ऐसे ही उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र आदि के पुरातन शहरों से दूसरे राज्य के शहरों के रिश्ते, परंपराओं के मिलन आदि को खोजा जाएगा। एक महीने तक चलने वाले काशी तमिल संगमम में देश के अन्य राज्यों को शामिल कर इस आयोजन की शृंखला को आगे बढ़ाया जाएगा। उधर, मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने बताया कि काशी तमिल संगमम में आयोजन को भव्य बनाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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काशीवासी भी तमिल सभ्यता से होंगे रूबरू
काशी तमिल संगमम के आयोजन के बाद काशी के अलग-अलग विधा से जुड़े लोग भी तमिल सभ्यता से रूबरू होने के लिए वहां जा सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभारंभ समारोह में ऐसे आयोजन की इच्छा जाहिर की थी। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय अब ऐसा ही आयोजन तमिलनाडु में कराने की योजना में जुटा है।
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काशी तमिल संगमम की तर्ज पर पूरे देश में शहरों का मिलन होगा। इसके लिए शिक्षा मंत्रालय सहित अन्य मंत्रालयों को जोड़कर रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसी प्रकार अन्य शहरों में कार्यक्रम कराए जाएंगे। वहां के प्रमुख लोगों को बुलाने के साथ कला, संस्कृति और सभ्यता का आदान प्रदान होगा। मंत्रालय की ओर से पत्र भेजकर राज्यों से विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया जा रहा है।
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प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार शिक्षा मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों को काशी के आयोजन में आमंत्रित कर उनके यहां भी ऐसे आयोजन की रूपरेखा तैयार कराई जाएगी। इसमें मध्यप्रदेश के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर से दक्षिण भारत के राज्यों से जुड़ाव पर अध्ययन कराया जाएगा। ऐसे ही उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र आदि के पुरातन शहरों से दूसरे राज्य के शहरों के रिश्ते, परंपराओं के मिलन आदि को खोजा जाएगा। एक महीने तक चलने वाले काशी तमिल संगमम में देश के अन्य राज्यों को शामिल कर इस आयोजन की शृंखला को आगे बढ़ाया जाएगा। उधर, मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने बताया कि काशी तमिल संगमम में आयोजन को भव्य बनाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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काशीवासी भी तमिल सभ्यता से होंगे रूबरू
काशी तमिल संगमम के आयोजन के बाद काशी के अलग-अलग विधा से जुड़े लोग भी तमिल सभ्यता से रूबरू होने के लिए वहां जा सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभारंभ समारोह में ऐसे आयोजन की इच्छा जाहिर की थी। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय अब ऐसा ही आयोजन तमिलनाडु में कराने की योजना में जुटा है।