वाराणसीः भूख से परेशान बच्चों तक पहुंचा अनाज बैंक, कराया भोजन
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लॉकडाउन के दौरान वाराणसी में फंसे दूसरे राज्यों के परिवारों के साथ बच्चे भी शामिल हैं। बिहार के रहने वाले बोधी लाल, उनकी पत्नी गीता और 5 बच्चे घर नहीं जा पाये। मजबूरी में रविन्द्रपुरी पार्क में शरण लिये। बोधी लाल की 2 वर्ष की बच्ची स्वाति और 4 महीने का बेटा भूख से तड़प रहे थे।
रास्ते चलते किसी राहगीर ने अनाज बैंक को फोन किया। भूख से सिर्फ स्वाति ही नहीं बिलख रही थी बल्कि महाराष्ट्र का 5 वर्ष का बच्चा एकनाथ शिंदे, बड़ी गैबी के 6 वर्ष का सोनू, 4 वर्ष का अनमोल भी भूख से पीड़ित थे।
इनको उम्मीद नहीं थी कि उन्हें भोजन नसीब होगा, लेकिन जब अनाज बैंक के कार्यकर्ता ताजीम भारतवंशी भोजन लेकर पहुंचे तो बच्चों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। बच्चों के माता–पिता भी बच्चों को खाते देख भावुक हो गये।
इसी तरह से ढ़ेलवरिया, कैन्ट, कन्दवां, डी.एल.डब्ल्यू, लहरतारा, फुलवरिया, रविन्द्रपुरी, बड़ी गैबी, सरैंया, हुकुलगंज में भूख पीड़ित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इन्द्रेश कुमार ने सबसे अपील की है कि अधिक से अधिक लोग अनाज बैंक में अनाज जमा करें ताकि अधिक से अधिक भूख पीड़ितों तक भोजन पहुंचाया जा सके।
विशाल भारत संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष डा राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि संस्थान के कार्यकर्ता 24 घंटे तैयार हैं। जहां की जानकारी मिल रही है, वहां हमारे कार्यकर्ता भोजन लेकर पहुंच रहे हैं। बच्चों के अंदर प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने के उद्देश्य से दाल का पानी भी भेजा जा रहा है। जरूरत पड़ने पर मोबाइल नम्बर 9452496740 पर मुझे भी फोन कर सकते हैं।
भोजन वितरण में शिवेन्द्र सिंह, मो. अजहरूद्दीन, ताजीम भारतवंशी, धनंजय यादव, रोजा भारतवंशी, तबरेज भारतवंशी, संजीव प्रताप सिंह को लगाया गया है। भोजन बनाने में नजमा परवीन, डा मृदुला जायसवाल, नाजनीन अंसारी, खुशी रमन, इली, उजाला, सुनीता श्रीवास्तव, पूनम श्रीवास्तव, मैना देवी, रमता, पार्वती, प्रभावती अनवरत लगी हैं।