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‘अमृत’ एवं ‘हृदय’ से बदलेगी सूरत
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 14 Jul 2016 01:51 AM IST
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सीवर, पेयजल और खराब सड़कों एवं बदहाल कुंडों तथा तालाबों को हेरिटेज सिटी डेवलमेंट एंड आग्मेंटेशन योजना (हृदय) और अटल मिशन फार रिजूवनेशन एंड अरबन ट्रांसफारमेशन (अमृत) के तहत संवारा जाएगा। दोनों योजनाओं के लिए करीब 200 करोड़ रुपये केंद्र से स्वीकृत भी हो चुके हैं और इन पर काम शुरू हो गया है।
हृदय के तहत कुंडों-तालाबों और धरोहरों को संवारने के लिए 89 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। 100 धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को भी संवारा जाएगा। साहित्यकार, लेखक, धर्म, कला, संस्कृति के क्षेत्र में महारत हासिल करने वाली विभूतियों से जुड़ी यादें संजोई जाएंगी। 32 सड़कों का निर्माण होना है। इसमें पहले चरण में 10 सड़कों का काम नगर निगम ने शुरू कर दिया है। बाकी सड़कों का काम एनबीसीसी ने करा रहा है।
इसी तरह शहर में जवाहर लाल नेहरू नेशनल अरबन रिन्व्यूवल मिशन (जेनर्म) के तहत बिछाई गई मुख्य सीवर लाइन से घरों की सीवेज पाइप को 2017 तक जोड़ा जाना है। अमृत के तहत 105 करोड़ रुपये से काम कराए जाएंगे। इस पर नगर निगम सदन की पिछली बैठक में सहमति बन चुकी है। इसके अलावा गोइठहां में बन रहे 120 एमएलडी
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और दीनापुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विस्तार का कार्य भी कराया जा रहा है।
सिगरा वार्ड से घंटी मिल तक, कमच्छा से सुदामा नगर कॉलोनी, संकटमोचन मार्ग और भदऊं चुंगी (राजघाट) से भैंसासुर घाट पर काम चल रहा है। कोतवाली से भरत मिलाप कॉलोनी, मछोदरी रोड, सरायनंदन से हनुमान मंदिर, सरैया पुलिस चौकी से शैलपुत्री, भैरोनाथ से महामृत्युंजय, गुरुधाम से श्रीराम मंदिर तक। बड़ा गणेश मंदिर वाली गली, हरतीरथ चौराहा से महामृत्युंजय मंदिर, भैरवनाथ चौराहा से कालभैरव, चंद्रिका नगर कालोनी, बेनियाबाग तिराहा से गिरजाघर तिराहा, फातमान रोड से बादशाह बाग कालोनी, नाटी इमली स्थित काली मंदिर से श्रम कार्यालय, मछोदरी पार्क रोड, चित्रकूट मैदान से धूपचंडी मंदिर तक, ईश्वरगंगी से हनुमान मंदिर तक, नाग कुआं रोड, क्रांति पल्ली से साईबाबा मंदिर से कंकडहवा वीर मंदिर तक तक।
वहीं, करसड़ा स्थित कूड़ा प्लांट को 15 जुलाई तक चालू कराने की तैयारी है। यहां बिजली कनेक्शन के लिए निर्धारित धनराशि नगर निगम ने बिजली विभाग को दे दी है। बहुत जल्द यहां बिजली कनेक्शन हो जाएगा। इसके बाद कूड़ा निस्तारण का काम शुरू करा दिया जाएगा। नगर निगम के तहसीलदार अविनाश कुमार का कहना है कि बिजली विभाग को 72 लाख रुपये दिए गए हैं। जल्द कनेक्शन देने के लिए कहा गया है। एनटीपीसी के अधिकारियों को भी कहा गया है कि वे 15 जुलाई से कूड़ा निस्तारण के लिए तैयार रहें। यदि किन्हीं कारणों से बिजली कनेक्शन में कोई दिक्कत होती है तो वहां लगे जेनरेटर से काम शुरू करा दिया जाए। वहां पहले डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कर रही आईएलएफएस संस्था कूड़ा ले जाएगी। पहले उसी कूड़े का निस्तारण होगा। बाद में शहर का और कूड़ा वहां भेजा जाएगा। नगर निगम के 90 वार्डों से तकरीबन 600 मीट्रिक टन कूड़ा रोजाना निकलता है। इस प्लांट की क्षमता भी इतना ही है।
वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के दायरे में आने वाले हाईवे के दोनों तरफ 20-20 मीटर तक ग्रीन बेल्ट बनाया जाएगा। ग्रीन बेल्ट एरिया में वीडीए पौधरोपण कराएगा और प्रतिबंधित क्षेत्र का बोर्ड लगाएगा। वीडीए ने इसके लिए सर्वे शुरू करा दिया है। बीस मीटर के दायरे में आने वाले मकानों को भी सूचीबद्ध किया जा रहा है। इस दायरे में आने वाले अवैध मकानों को ढहाया जाएगा। नए निर्माण पर रोक भी लगा दी जाएगी। तकरीबन 48 किमी हाईवे इस दायरे में आ रहा है। वीडीए सचिव एमपी सिंह ने बताया कि इस दायरे में कोई नया निर्माण नहीं होगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि भविष्य में सड़क के चौड़ीकरण में समस्या न होने पाए। अधिकारियों की टीम सर्वे कर रही है। अवैध निर्माणों को चिह्नित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। खाली जमीनों की अलग श्रेणी बनाई जा रही है। इसके अलावा अस्थायी और स्थायी निर्माण की भी अलग सूची तैयार कराई जा रही है।
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हृदय के तहत कुंडों-तालाबों और धरोहरों को संवारने के लिए 89 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। 100 धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को भी संवारा जाएगा। साहित्यकार, लेखक, धर्म, कला, संस्कृति के क्षेत्र में महारत हासिल करने वाली विभूतियों से जुड़ी यादें संजोई जाएंगी। 32 सड़कों का निर्माण होना है। इसमें पहले चरण में 10 सड़कों का काम नगर निगम ने शुरू कर दिया है। बाकी सड़कों का काम एनबीसीसी ने करा रहा है।
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इसी तरह शहर में जवाहर लाल नेहरू नेशनल अरबन रिन्व्यूवल मिशन (जेनर्म) के तहत बिछाई गई मुख्य सीवर लाइन से घरों की सीवेज पाइप को 2017 तक जोड़ा जाना है। अमृत के तहत 105 करोड़ रुपये से काम कराए जाएंगे। इस पर नगर निगम सदन की पिछली बैठक में सहमति बन चुकी है। इसके अलावा गोइठहां में बन रहे 120 एमएलडी
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और दीनापुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विस्तार का कार्य भी कराया जा रहा है।
सिगरा वार्ड से घंटी मिल तक, कमच्छा से सुदामा नगर कॉलोनी, संकटमोचन मार्ग और भदऊं चुंगी (राजघाट) से भैंसासुर घाट पर काम चल रहा है। कोतवाली से भरत मिलाप कॉलोनी, मछोदरी रोड, सरायनंदन से हनुमान मंदिर, सरैया पुलिस चौकी से शैलपुत्री, भैरोनाथ से महामृत्युंजय, गुरुधाम से श्रीराम मंदिर तक। बड़ा गणेश मंदिर वाली गली, हरतीरथ चौराहा से महामृत्युंजय मंदिर, भैरवनाथ चौराहा से कालभैरव, चंद्रिका नगर कालोनी, बेनियाबाग तिराहा से गिरजाघर तिराहा, फातमान रोड से बादशाह बाग कालोनी, नाटी इमली स्थित काली मंदिर से श्रम कार्यालय, मछोदरी पार्क रोड, चित्रकूट मैदान से धूपचंडी मंदिर तक, ईश्वरगंगी से हनुमान मंदिर तक, नाग कुआं रोड, क्रांति पल्ली से साईबाबा मंदिर से कंकडहवा वीर मंदिर तक तक।
वहीं, करसड़ा स्थित कूड़ा प्लांट को 15 जुलाई तक चालू कराने की तैयारी है। यहां बिजली कनेक्शन के लिए निर्धारित धनराशि नगर निगम ने बिजली विभाग को दे दी है। बहुत जल्द यहां बिजली कनेक्शन हो जाएगा। इसके बाद कूड़ा निस्तारण का काम शुरू करा दिया जाएगा। नगर निगम के तहसीलदार अविनाश कुमार का कहना है कि बिजली विभाग को 72 लाख रुपये दिए गए हैं। जल्द कनेक्शन देने के लिए कहा गया है। एनटीपीसी के अधिकारियों को भी कहा गया है कि वे 15 जुलाई से कूड़ा निस्तारण के लिए तैयार रहें। यदि किन्हीं कारणों से बिजली कनेक्शन में कोई दिक्कत होती है तो वहां लगे जेनरेटर से काम शुरू करा दिया जाए। वहां पहले डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कर रही आईएलएफएस संस्था कूड़ा ले जाएगी। पहले उसी कूड़े का निस्तारण होगा। बाद में शहर का और कूड़ा वहां भेजा जाएगा। नगर निगम के 90 वार्डों से तकरीबन 600 मीट्रिक टन कूड़ा रोजाना निकलता है। इस प्लांट की क्षमता भी इतना ही है।
वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के दायरे में आने वाले हाईवे के दोनों तरफ 20-20 मीटर तक ग्रीन बेल्ट बनाया जाएगा। ग्रीन बेल्ट एरिया में वीडीए पौधरोपण कराएगा और प्रतिबंधित क्षेत्र का बोर्ड लगाएगा। वीडीए ने इसके लिए सर्वे शुरू करा दिया है। बीस मीटर के दायरे में आने वाले मकानों को भी सूचीबद्ध किया जा रहा है। इस दायरे में आने वाले अवैध मकानों को ढहाया जाएगा। नए निर्माण पर रोक भी लगा दी जाएगी। तकरीबन 48 किमी हाईवे इस दायरे में आ रहा है। वीडीए सचिव एमपी सिंह ने बताया कि इस दायरे में कोई नया निर्माण नहीं होगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि भविष्य में सड़क के चौड़ीकरण में समस्या न होने पाए। अधिकारियों की टीम सर्वे कर रही है। अवैध निर्माणों को चिह्नित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। खाली जमीनों की अलग श्रेणी बनाई जा रही है। इसके अलावा अस्थायी और स्थायी निर्माण की भी अलग सूची तैयार कराई जा रही है।