बनारसः पिता-पुत्र की हत्या में इस विस्फोटक पदार्थ का हुआ था उपयोग
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उन्होंने बताया कि अमोनियम नाइट्रेट का उपयोग कर विस्फोटक पदार्थ तैयार किया गया था। विस्फोटक पदार्थ ठीक वैसा ही था जैसा कि मिर्जापुर और सोनभद्र जिले में पत्थर की खदानों में इस्तेमाल किया जाता है।
वारदात के मास्टर माइंड सोनू यादव को विस्फोटक पदार्थ उपलब्ध कराने वाले उसके दोस्त की गिरफ्तारी पुलिस के लिए अभी भी चुनौती बनी हुई है। उधर, सोनू से पुलिस कस्टडी रिमांड में पूछताछ के लिए चौबेपुर पुलिस ने अदालत में आवेदन दाखिल किया है।
28 अगस्त की आधी रात बाद मिल्कोपुर गांव में विस्फोटक पदार्थ से दो धमाके कर खली-चूनी व्यापारी लालजी यादव और उनके बेटे अजय की हत्या कर दी गई थी। वारदात की वजह जमीन विवाद बताई गई। इस मामले में चौक क्षेत्र के सराफा कारोबारी किरन चंद वर्मा और उसके जमीन की देखरेख करने वाले लखरांव निवासी मुन्नीलाल यादव व उसके बेटे सोनू को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
तीनों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई के लिए कागजी कवायदें की जा रही हैं। इस संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि जेल में निरुद्ध तीनों आरोपियों को कड़ी सजा दिलाना हमारी शीर्ष प्राथमिकता में शामिल है।
लालजी और उनके बेटे की हत्या के बाद प्रशासन की ओर से सरकारी मदद की घोषणा की गई थी। छोटे भाई श्यामजी ने बताया कि कलेक्ट्रेट और कचहरी का रोजाना चक्कर काट-काट कर वे थक गए हैं लेकिन अभी तक रुपये की मदद नहीं मिली। अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं कोई कुछ काम नहीं करा रहा है।