फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   amit shah inaugurated indian institue of Indian Institute of Gem and Jewellery at varanasi

उत्तर भारत के पहले आभूषण संस्थान का अमित शाह ने किया उद्घाटन

Sun, 21 Jan 2018 11:02 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी Updated Sun, 21 Jan 2018 11:02 AM IST
विज्ञापन
amit shah inaugurated indian institue of  Indian Institute of Gem and Jewellery at varanasi
भारतीय रत्न एंव आभूषण संस्थान का उद्घाटन करते भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह - फोटो : अमर उजाला
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ जेम्स एंड ज्वेलरी संस्थान (आईआईजीजे) देश की विलुप्त हो रही आभूषण की कलाओं और हुनरमंदों को संरक्षित एवं संवर्धित करें। काशी की गुलाबी मीनाकारी को संजोने केसाथ इसे दुनिया भर में पहुंचाने की जरूरत है।
विज्ञापन


इससे देश को आर्थिक मजबूती के साथ-साथ युवाओं को रोजगार मिलेगा। शनिवार को शाह रथयात्रा पर संस्थान के उद्घाटन के बाद महमूरगंज स्थित सगुन लॉन में व्यापारियों, उद्यमियों एवं प्रबुद्धजनों को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन


उन्होंने आईआईजीजे के अंतर्गत संचालित जेम्स ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोश कौंसिल (जीजेईपीसी) के अधिकारियों से कहा कि आभूषण के क्षेत्र में दुनिया में उच्च तकनीक की मशीनें हैं। हमारे यहां हुनरमंद भी हैं और कला भी। इसे आगे बढ़ाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन


काशी सहित देश के कई राज्यों में परंपरागत कलाएं विलुप्त हो रही हैं, उन्हें जीवंत करने की जरूरत है। यह तभी जीवित हो पाएगी, जब गिनती के बचे आभूषण के हुनरमंदों को संरक्षित कर उनकी कला को आगे बढ़ाएंगे। भरोसा दिलाया कि केंद्र और प्रदेश सरकार इसमें मदद करेेगी।

2014 केपहले अर्थव्यवस्था औंधे मुंह गिर गई थी लेकिन अब सबसे तेज गति से आगे बढ़ रही है। मोदी सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। फैसले यह सोचकर नहीं लिए गए कि जनता को खराब लगेगा बल्कि यह सोचकर लिया गया कि कोई भी फैसला जनता को कितना फायदा पहुंचाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कौंसिल ने संस्थान के माध्यम से काशी की लुप्त हो रही विधाओं के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम है। बताया, प्रदेश सरकार के सहयोग से बीएचयू में वैदिक शोध संस्थान की स्थापना कराई जा रही है।

परंपरागत कला को सीमित घरानों से बाहर निकालकर उसे विस्तार देने का अवसर मिलेगा। इसी उद्देश्य से 24 जनवरी को लखनऊ में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ को लांचिग की जा रही है। कौंसिल की ओर से जारी पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

जीजेईपीसी के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल और पूर्व चेयरमैन प्रवीन शंकर पांड्या ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह उत्तर भारत का पहला और देश का पांचवां आभूषण संस्थान है। मुंबई में दो, दिल्ली तथा जयपुर में एक-एक संस्थान पहले से ही कार्यरत है। 

सूरत की तरह ज्वेलरी पार्क बनाने का वादा

amit shah inaugurated indian institue of  Indian Institute of Gem and Jewellery at varanasi
भारतीय रत्न एंव आभूषण संस्थान का निरीक्षण करते योगी आदित्यनाथ, अमित शाह व महेंद्रनाथ पान्डेय - फोटो : अमर उजाला
ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन कौंसिल (जीजेईपीसी) के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण शंकर पंड्या ने कहा कि आभूषण संस्थान के माध्यम से पूर्वांचल में काशी को बड़े बाजार के रूप में विकसित किया जाएगा। इसे मिनी सूरत की तरह तैयार करने के साथ ही ज्वेलरी पार्क बनाए जाएंगे।

आभूषण कारोबारी और उद्यमी इसका लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि अभी संस्थान की अपनी जमीन नहीं है। तीन साल में पांच एकड़ में भवन तैयार किया जाएगा।

जब तक भवन नहीं है तब तक एक-एक साल के तीन कोर्स डिप्लोमा इन ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग, ज्वेलरी डिजाइन और गुलाबी मीनाकारी तकनीक चलाए जाएंगे। 22 जनवरी से तीनों कोर्स की पढ़ाई प्रारंभ होगी। प्रत्येक कोर्स के लिए 65 हजार से 85 हजार रुपये तक शुल्क है।

बाद में आभूषण के बारे में डिग्री कोर्स भी संचालित किया जाएगा। इस मौके पर आईआईजीजे की डायरेक्टर नमिता पांड्या ने कहा कि समय के साथ-साथ परंपरागत गहने और डिजाइनें विलुप्त होती गई।

राजा-रजवाड़ों के जमाने तक इसे संरक्षित किया गया लेकिन बाद में किसी ने ध्यान नहीं दिया। काशी की गुलाबी मीनाकारी विलुप्त होने लगी। इसके जानकार मोहनलाल वर्मा के जरिए 20 कारीगारों को तैयार किया गया है। इन्हीं कारीगरों के जरिए संस्थान में युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed