सीएम के दौरे पर हुए रूट डाइवर्जन से जाम में जकड़ा शहर, घंटों फंसी रहीं एंबुलेंस
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सीएए के समर्थन में शनिवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उमड़ी भीड़ से शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान शहर भर में जगह-जगह लागू डायवर्जन के बावजूद शहर भीषण जाम से जकड़ा रहा।
हाल यह रहा कि देर शाम तक विभिन्न इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। नदेसर से लेकर अंधरापुल और चौकाघाट इलाका सबसे अधिक जाम की चपेट में रहा। दोपहिया और चार पहिया वाहनों के बीच पैदल चलना भी मुश्किल रहा। ट्रैफिक पुलिस और सिविल पुलिस भी सड़कों पर उतर जाम छुड़ाने को प्रयासरत रही, लेकिन घंटे भर तक लोग जाम से जूझते रहे।
इसी जाम में अंधरापुल पर शाम के समय चार एंबुलेंस घंटे भर तक फंसी रही। शहर के तेलियाबाग, जगतगंज, लहुराबीर, मलदहिया से सिगरा, इंग्लिशिया लाइन, कैंट, लहरतारा पुल से चौराहा तक जाम की चपेट में रहा। वरूणा पार इलाके के कचहरी और अन्य इलाकों में भी जाम ने लोगों को बेहाल कर रखा।
अधिकतर गलिया भी रहीं जाम
संस्कृत विश्वविद्यालय कार्यक्रम के दौरान शहर सहित 16 जिलों की भीड़ अचानक पहुंचने से गलियों में भी जाम की स्थिति रही। शहर की गलियों से वाकिफ लोग एक साथ घुसे और जाम बढ़ता गया। जगतगंज से चौकाघाट निकलने वाली गली, जगतगंज से मलदहिया निकलने वाली गलियां और तेलियाबाग से अंधरापुल और मलदहिया जाने वाले सभी रास्ते घंटे भर तक जाम की चपेट में रहे। ट्रैफिक पुलिस का फैंटम दस्ता सुबह से लेकर देर शाम तक दौड़ता रहा लेकिन फिर भी जनता को राहत नहीं मिली।
यातायात पुलिस के दावे हुए ध्वस्त
ए-बी-सी फार्मूले के तहत यातायात संचालन का प्लान भी ट्रैफिक पुलिस का धवस्त हो गया। नतीजा यह हुआ कि पूरा शहर जाम में फंसकर कराह उठा। जाम देखने के बाद शाम के समय अधिकतर लोग तो बाइक व कार निकालना बेहतर नहीं समझें।
डाफी टोल प्लाजा पर लगा लंबा जाम
डाफी टोल प्लाजा पर बिहार जाने वाले भारी वाहनों के रोके जाने से हाइवे पर लंबा जाम रहा। चंदौली जिला प्रशासन के आदेश पर एनएचएआई के अधिकारियों ने शनिवार सुबह 11 बजे डाफी टोल प्लाजा से प्रवेश रोक दिया। जिससे वाहनों के दबाव के चलते सर्विस मार्ग भी जाम हो गया। इससे सबसे ज्यादा परेशानी टोल टैक्स से होकर मिर्जापुर, चंदौली, सोनभद्र सहित अन्य जगहों को जाने वाले वाहनों को भी जाम में जूझना पड़ा।
विश्वसुंदरी पुल पर कुछ दिन पहले लगा जैक कम क्षमता का होने के कारण एचएचएआई के अधिकारी हमेशा निगरानी में लगे हैं। किसी भी सूरत में पुल के ऊपर जाम न लगने पाए। अधिक क्षमता का जैक मलेशिया से मंगाया गया है। जो अभी तक आ नहीं सका है।