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सरकार की लापरवाही से एंबुलेंस पड़ा 'बीमार', न तेल मिल रहा न मानदेय
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 03 Aug 2017 01:52 PM IST
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वाराणसी में 102 की 38, 108 की है 19 एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला
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जरूरतमंदों को अस्पताल ले आने और वहां से घर ले जाने के लिए संचालित एंबुलेंस सेवा इस समय पैसे के अभाव में ठप सी पड़ गई है। सर्विस प्रोवाइडर कंपनी जीवीके की ओर से तेल न मिलने की वजह से एक सप्ताह से एंबुलेंस का संचालन ठप है।
इसमें सबसे ज्यादा समस्या गर्भवती महिलाओं के लिए लगी 102 एंबुलेंस की है। कंपनी की ओर से जिले में 102 की 38 और 108 की 19 एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है। चालकों को फ्यूल कार्ड न मिलना मुख्य वजह है। इधर कुछ महीने से मानदेय न मिलन से चालक, टेक्नीशियन परेशान हैं।
सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कराने के लिए योगी सरकार भले ही बड़ी धनराशि खर्च करने का दावा तो करती है लेकिन हालत बद से बदतर है।
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प्रदेश की सपा सरकार ने सड़क दुघर्टनाओं में घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए 108 और गर्भवती महिलाओं के लिए 102 सेवा की शुरूआत की थी। इस बीच एंबुलेंस को तेल नहीं मिल पा रहा है कि चालक उसे चला सके।
जानकारी के मुताबिक करीब 10 ऐसी एंबुलेंस हैं, जिनका संचालन नहीं हो पा रहा है। मामले में सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने कहा कि एंबुलेंस संचालन करने वाली कंपनी के अधिकारियों से बातचीत हुई है। छह ऐसी एंबुलेंस हैं, जिन्हें फ्यूल कार्ड न मिलने से तेल नहीं भरा पा रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान कराने की बात अधिकारियों ने कही है।
जीवीके प्रोजेक्ट मैनेजर ने कहा कि फ्यूल कार्ड न मिलने की वजह से पेंट्रोल पंप से तेल नहीं मिल पा रहा है। इस बारे में अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। इन सबके बीच मरीजों को अस्पतालों तक पहुंचाने में कोई कमी नहीं हो रही है।
जहां तक मानदेय की बात है तो करीब एक महीने का मानदेय अभी पेंडिंग हैं। एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान करा लिया जाएगा।
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इसमें सबसे ज्यादा समस्या गर्भवती महिलाओं के लिए लगी 102 एंबुलेंस की है। कंपनी की ओर से जिले में 102 की 38 और 108 की 19 एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है। चालकों को फ्यूल कार्ड न मिलना मुख्य वजह है। इधर कुछ महीने से मानदेय न मिलन से चालक, टेक्नीशियन परेशान हैं।
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सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कराने के लिए योगी सरकार भले ही बड़ी धनराशि खर्च करने का दावा तो करती है लेकिन हालत बद से बदतर है।
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प्रदेश की सपा सरकार ने सड़क दुघर्टनाओं में घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए 108 और गर्भवती महिलाओं के लिए 102 सेवा की शुरूआत की थी। इस बीच एंबुलेंस को तेल नहीं मिल पा रहा है कि चालक उसे चला सके।
जानकारी के मुताबिक करीब 10 ऐसी एंबुलेंस हैं, जिनका संचालन नहीं हो पा रहा है। मामले में सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने कहा कि एंबुलेंस संचालन करने वाली कंपनी के अधिकारियों से बातचीत हुई है। छह ऐसी एंबुलेंस हैं, जिन्हें फ्यूल कार्ड न मिलने से तेल नहीं भरा पा रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान कराने की बात अधिकारियों ने कही है।
जीवीके प्रोजेक्ट मैनेजर ने कहा कि फ्यूल कार्ड न मिलने की वजह से पेंट्रोल पंप से तेल नहीं मिल पा रहा है। इस बारे में अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। इन सबके बीच मरीजों को अस्पतालों तक पहुंचाने में कोई कमी नहीं हो रही है।
जहां तक मानदेय की बात है तो करीब एक महीने का मानदेय अभी पेंडिंग हैं। एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान करा लिया जाएगा।