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....नहीं तो आतंकी हमले में फंस गए होते बनारस के कई अमरनाथ यात्री
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 12 Jul 2017 10:50 AM IST
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बाबा बर्फानी का आशीर्वाद है कि हम लोग सुरक्षित हैं। हेलीकॉप्टर की यात्रा न होती तो हम लोग भी आतंकी हमले में फंस जाते। हेलीकॉप्टर से हम लोग एक दिन पहले ही जम्मू पहुंच गए थे। यह कहा अमरनाथ यात्रा पर गए यहां के औरंगाबाद निवासी पुनीत सिंह ने।
पुनीत शहर के छह अन्य लोगों के साथ बाबा बर्फानी का दर्शन कर वापसी की यात्रा पर हैं। जम्मू से बुधवार को उनकी ट्रेन है। बताया कि गुरुवार तक वे अपने जत्थे के साथ वाराणसी पहुंच आएंगे।
अमर उजाला से फोन पर बातचीत में उन्होंने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ दो जुलाई को हिमगिरी एक्सप्रेस से अमरनाथ यात्रा पर रवाना हुए थे। तीन जुलाई को जम्मू में भगवती नगर के बेस कैंप पहुंचे। छह जुलाई को वे बस से पहलगाम के लिए रवाना हुए।
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सात जुलाई को पहलगाम स्थित चंदनवाड़ी से उन्होंने अमरनाथ की यात्रा शुरू की। आठ जुलाई को शेषनाग होते हुए नौ जुलाई को अमरनाथ पहुंचे और बाबा बर्फानी का दर्शन किया। पंचतरणी से वापसी के वक्त उन्होंने हेलीकॉप्टर यात्रा का फैसला किया और पहलगाम आने के बाद बस से जम्मू लौटे।
वहां अगले दिन घरवालों के फोन आने लगे। परिवार के लोग इतने चिंतित कि जल्दी से जल्दी घर आने को कहने लगे। बीती रात उनके पिता महेश कुमार सिंह ने फोन कर हालचाल जाना। मंगलवार को दिन में भी कई बार फोन कर कुशलक्षेम पूछी।
पुनीत के साथ चेतगंज के विकास सिंह, अभिषेक गुप्ता, सोनू गुप्ता, मनोज गुप्ता, खोजवां के यश और अनुभव गुप्ता यात्रा पर हैं।
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पुनीत शहर के छह अन्य लोगों के साथ बाबा बर्फानी का दर्शन कर वापसी की यात्रा पर हैं। जम्मू से बुधवार को उनकी ट्रेन है। बताया कि गुरुवार तक वे अपने जत्थे के साथ वाराणसी पहुंच आएंगे।
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अमर उजाला से फोन पर बातचीत में उन्होंने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ दो जुलाई को हिमगिरी एक्सप्रेस से अमरनाथ यात्रा पर रवाना हुए थे। तीन जुलाई को जम्मू में भगवती नगर के बेस कैंप पहुंचे। छह जुलाई को वे बस से पहलगाम के लिए रवाना हुए।
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सात जुलाई को पहलगाम स्थित चंदनवाड़ी से उन्होंने अमरनाथ की यात्रा शुरू की। आठ जुलाई को शेषनाग होते हुए नौ जुलाई को अमरनाथ पहुंचे और बाबा बर्फानी का दर्शन किया। पंचतरणी से वापसी के वक्त उन्होंने हेलीकॉप्टर यात्रा का फैसला किया और पहलगाम आने के बाद बस से जम्मू लौटे।
वहां अगले दिन घरवालों के फोन आने लगे। परिवार के लोग इतने चिंतित कि जल्दी से जल्दी घर आने को कहने लगे। बीती रात उनके पिता महेश कुमार सिंह ने फोन कर हालचाल जाना। मंगलवार को दिन में भी कई बार फोन कर कुशलक्षेम पूछी।
पुनीत के साथ चेतगंज के विकास सिंह, अभिषेक गुप्ता, सोनू गुप्ता, मनोज गुप्ता, खोजवां के यश और अनुभव गुप्ता यात्रा पर हैं।