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अमर उजाला संवाद: वाराणसी के शिक्षाविदों ने कहा- टाउनशिप विकसित होने से बेहतर होगी शिक्षा प्रणाली

Wed, 24 Aug 2022 06:42 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Wed, 24 Aug 2022 06:42 PM IST
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Amar Ujala samvad Educationists of Varanasi said- education system will be better by developing township
अमर उजाला कार्यालय चांदपुर में संवाद - फोटो : अमर उजाला
छात्र-छात्राओं को एक ही जगह पर प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक की सुविधाएं मिल सके, इसके लिए एजुकेशन टाउनशिप विकसित करने के प्रदेश सरकार के फैसले का शिक्षाविदों ने स्वागत किया है। अमर उजाला कार्यालय चांदपुर में आयोजित संवाद में वाराणसी के शिक्षाविदों ने इसे एक बेहतर कदम बताया।
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सभी ने एक स्वर से कहा कि टाउनशिप के विकसित होने से जहां शिक्षा की वर्तमान प्रणाली बेहतर होगी, वहीं शोध का भी द्वार खुलेगा। संवाद के माध्यम से सरकार से टाउनशिप विकसित करने के साथ-साथ इससे जुड़ी नीतियों का सही ढंग से क्रियान्वयन करने की मांग भी रखी। शिक्षाविदों ने काशी में इसके विकसित करने की मांग भी मुख्यमंत्री से की। 
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शिक्षाविदों की राय
नई शिक्षा नीति के साथ-साथ एजूकेशन टाउनशिप विकसित करने का अच्छा फैसला सरकार ने लिया है। परंपरागत शिक्षा के साथ ही तकनीक का समन्वय भी इसमें देखने को मिलेगा। यह सभी के लिए हितकारी होगा। - प्रो. हरेराम त्रिपाठी, कुलपति, संस्कृत विश्वविद्यालय
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प्रदेश में एजुकेशन टाउनशिप बनाए जाने का सरकार का फैसला एक अभिनव प्रयास है। इसके माध्यम से समाज की जरूरतों पर आधारित शिक्षण, शोध कार्य भी कराए जाएंगे। सभी को आगे आने की जरूरत है। -प्रो. राममोहन पाठक, पूर्व कुलपति, दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, चेन्नई 

टाउनशिप बनने के बाद देश में रोजगार परक शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही कौशल विकास आदि के बारे में भी विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। शिक्षकों, छात्रों को भी इससे बड़ा लाभ होगा। -प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे, बीएचयू

प्रदेश सरकार ने भले ही आज टाउनशिप विकसित करने का निर्णय लिया है, लेकिन काशी में महामना ने पहले ही इस परिकल्पना को देखा था। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। -डॉ. राघव मिश्रा, बीएचयू

शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जिसको ग्रहण करने के बाद विद्यार्थियों को स्वरोजगार के साथ ही आत्मनिर्भरता की अनुभूति हो। प्रदेश सरकार के इस फैसले से शिक्षा के क्षेत्र में केवल छात्र ही नहीं बल्कि शिक्षकों को भी लाभ होगा। -डॉ. संदानंद पांडेय, बीएचयू

रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने की सरकार की विशेष पहल है। इससे जहां रोजगार परक शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, वहीं टाउनशिप के विकसित होने से विकास के साथ ही चुनौतियां भी बढ़ेंगी। इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। - प्रो. केएस जायसवाल, वाणिज्य विभाग, काशी विद्यापीठ 

 सरकार प्रदेश में एजूकेशन टाउनशिप विकसित करना चाह रही है। यह भी ध्यान देना होगा, इसके तहत जो भी फैसले लिए जाए, उसका सही तरीके से क्रियान्वयन कराया जाए, जिससे कि आगे चलकर कोई परेशानी न हो। -डॉ. जगदीश सिंह दीक्षित

 छात्र-छात्राओं के बेहतर भविष्य को देखते हुए प्रदेश सरकार का यह फैसला सराहनीय है। प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक शिक्षा का स्तर भी सुधरेगा। अगर काशी में टाउनशिप बनाया जाए और बेहतर होगा। - प्रो. अजीत कुमार शुक्ल, काशी विद्यापीठ

भारत की तुलना किसी अन्य देशों से नहीं की जा सकती है। अमेरिका की तर्ज पर टाउनशिप विकसित करने का निर्णय सरकार ने लिया है। टाउनशिप विकसित करना समय की मांग है। काशी में इसे खोले जाने पर विचार करना चाहिए। - प्रो. अनूप मिश्र, डीएवीपीजी कॉलेज

कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से टाउनशिप विकसित करने का निर्णय लिया जा रहा है। युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। इसको देखते हुए प्रदेश के एक जिला नहीं बल्कि सभी जिलों में इस तरह की टाउनशिप विकसित करना होगा। - राजेंद्र तिवारी, अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट 

टाउनशिप को विकसित करने को लेकर प्रदेश सरकार को इस बात पर जरूर ध्यान देना होगा कि कौशल विकास पर पूरी प्रक्रिया केंद्रित हो। यहीं नहीं नई शिक्षा नीति के आधार पर ही टाउनशिप बनाने की जरूरत है। -डॉ. संगीता जैन, डीएवीपीजी कॉलेज

शिक्षा के विकास की दृष्टि से प्रदेश सरकार ने एतिहासिक फैसला लिया है। अगर टाउनशिप विकसित करने में सेवानिवृत्त शिक्षकों का भी सहयोग लिया जाना उचित होगा। इसका लाभ आने वाली पीढ़ी को भी मिलेगा। -डॉ. अंजना सिंह, वसंत महिला महाविद्यालय राजघाट

टाउनशिप विकसित करने की योजना में स्कूली शिक्षा से लेकर विश्वविद्यालय में मिलने वाली शिक्षा को भी समाहित किया गया है। शोध के स्तर को भी बढ़ाने की जरूरत है, जिसका लाभ सभी को मिले। - डॉ. ऋचा सिंह, वसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट

कोई भी योजना तो बन जाती है लेकिन उसके अनुसार जो भी नीतियां होती हैं, उसके क्रियान्वयन में समय लगता है। सरकार को साक्षरता दर को बढ़ाने पर भी फोकस करने की जरूरत है। -डॉ. बंशीधर पांडेय, काशी विद्यापीठ 

यूपी में अमेरिका की तर्ज पर एजुकेशन टाउनशिप विकसित करने का प्रदेश सरकार का यह फैसला स्वागत योग्य है। टाउनशिप की परिकल्पना आधुनिक है। क्वालिटी के साथ ही कौशल विकास पर जोर देना होगा। - डॉ. शशिकेश कुमार, वसंत कन्या महाविद्यालय कमच्छा

काशी सर्व विधा की राजधानी है। एजुकेशन टाउनशिप विकसित करने के लिए इससे अच्छी जगह और कोई नहीं हो सकती है। छात्रों की रुचि को पहचानकर उनमें नैतिक गुणों का विकास करना जरूरी है। - प्रो. रमेश प्रसाद, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के साथ-साथ टाउनशिप विकसित किए जाने का फैसला सराहनीय है। शोध कार्यों के साथ ही लैब, लाइब्रेरी सहित अन्य सुविधाओं पर ध्यान देना होगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। - प्रो. शैलेश मिश्रा, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय 

जिस तरह से टाउनशिप विकसित करने की बात कही जा रही है, उससे लोकल फार वोकल को भी बढ़ावा मिलेगा। एजूकेशन टाउनशिप को अगर काशी में खोला जाए तो यह पूरे देश के लिए मॉडल बनेगी।- डॉ. आशीष कुमार, वसंत कन्या महाविद्यालय कमच्छा

निश्चित ही प्रदेश सरकार की इस पहले से राष्ट्रीय शिक्षा नीति की बुनियाद और मजबूत होगी। शिक्षा के विकास की दिशा में उपलब्ध संसाधनों, जरूरतों के बीच गैप है, इसको कम करने की जरूरत है। अंतर्विषयक अध्ययन करना होगा। - प्रो. संजय कुमार, काशी विद्यापीठ 

समय की मांग को देखते हुए वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता का विशेष ख्याल रखना होगा। एजूकेशन टाउनशिप को यूपी में विकसित करने का सरकार का फैसला सही तो हैं लेकिन सही तरीके से उसका क्रियान्वयन भी जरूरी है। - दीनानाथ सिंह, सेवानिवृत्त शिक्षक 

इस तरह की पहल से जहां एक ओर शिक्षा व्यवस्था पहले से अधिक बेहतर होगी वहीं सुविधाओं को विकसित करने की दिशा में काम होगा। प्राचीन ज्ञान परंपरा को समाहित करने की जरूरत है। - प्रो. अमित शुक्ला, संस्कृत विश्वविद्यालय 


प्रदेश सरकार ने जो फैसला लिया है, उसकी जितनी सराहना की जाए वह कम है। एक ही जगह छात्राें का कौशल विकास के साथ ही शोध का मार्ग भी प्रशस्त होगा। अब इस प्रस्ताव को जल्द से जल्द साकार करने की जरूरत है। - डॉ. दुर्गेश उपाध्याय, काशी विद्यापीठ 
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