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अमर उजाला पड़ताल: मंडलीय अस्पताल के बर्न वार्ड में लगे 14 एसी में 9 बंद मिले, बिना मास्क के घूम रहे लोग; खतरा

Tue, 20 Oct 2026 01:26 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Tue, 20 Oct 2026 01:26 PM IST
सार

वाराणसी के मंडलीय अस्पताल के बर्न वार्ड में लगे 14 एसी में से नौ बंद मिले। इससे मरीजों को परेशानी के साथ संक्रमण का खतरा भी है। अमर उजाला की पड़ताल में मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन नहीं होता दिखा। लोग बिना मास्क मरीजों के पास घूमते मिले। पटाखा विस्फोट में झुलसी महिला समेत सात मरीजों का वार्ड में इलाज चल रहा है।

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Amar Ujala Investigation AC units Divisional Hospital Varanasi burn ward found non functional
मंडलीय अस्पताल के इमरजेंसी में भर्ती मरीज। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार
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मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के बर्न वार्ड में भर्ती मरीजों के इलाज, देखरेख की व्यवस्था में मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो पा रहा है। मरीजों को इलाज के दौरान राहत मिले, इसके लिए वार्ड में 14 एसी लगाए गए हैं लेकिन इनमें 9 बंद मिले। मेडिकल स्टाफ और जो परिजन मरीजों के साथ हैं, वह भी बिना मास्क के घूमते नजर आए। सोमवार को अमर उजाला की पड़ताल में दोपहर में केवल पांच एसी ही चल रहे थे। बाकी 9 बंद थे। यहां कुल सात मरीज भर्ती हैं। इनमें तीन महिलाएं हैं।

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अस्पताल में जलने वाले मरीजों को जिस जगह भर्ती कर इलाज किया जाता है, वहां अन्य वार्डों की तुलना में विशेष सतर्कता बरतनी होती है। इसमें अधिक साफ-सफाई, उचित तापमान पर एसी के चलते रहने के साथ ही संक्रमण से बचाव के लिए सभी की आवाजाही भी बहुत कम रहती है। इस तरह के मेडिकल प्रोटोकॉल का सही तरीके से पालन होने से संक्रमण का खतरा कम रहता है। इसके लिए वार्ड में ड्यूटी पर मौजूद लोगों पर निगरानी की जिम्मेदारी रहती है।
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मंडलीय अस्पताल के बर्न वार्ड में जो सात मरीज भर्ती थे, उसमें हाल ही में पटाखा विस्फोट में जली महिला चांदनी बेगम भी शामिल है। चांदनी घटना में 85 फीसदी जली है। बर्न वार्ड में सेंट्रलाइज्ड एसी का सिस्टम भी लगा हुआ है लेकिन सोमवार की दोपहर में वह चल नहीं रहा था। सोमवार की दोपहर में ही एक भर्ती मरीज के परिजनों ने अपने मरीज को बीएचयू ले जाने के लिए रेफरल पेपर बनवाया। उनका कहना था कि यहां इलाज, देखभाल की व्यवस्था जिस तरह की होनी चाहिए वह नहीं है। ऐसे में बीएचयू में भर्ती करवाकर बेहतर इलाज कराया जाएगा।

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मरीजों का कमरा खोलकर आते-जाते दिखे लोग
बर्न वार्ड में जिस कमरे में मरीजों को रखा गया है, वहां सोमवार की दोपहर में लोग आते जाते दिखे। चिंता की बात यह है कि जो लोग अंदर जा रहे थे, उनमें से किसी ने मास्क नहीं लगाया था। दोपहर 12.30 बजे बर्न वार्ड में एक एनजीओ का स्टाफ भी सभी मरीजों के पास जा रहा था।

बर्न वार्ड में मेडिकल प्रोटोकाल का पालन होना बहुत जरूरी होता है। मंडलीय अस्पताल में अधिकांश एसी क्यों बंद हैं, बिना मास्क के कैसे लोग आ जा रहे हैं। इस तरह की लापरवाही पर संबंधित लोगों से जवाब मांगा जाएगा। साथ ही एक टीम भेजकर वहां निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत भी दिखवाई जाएगी। मरीजों के सेहत के साथ लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई भी की जाएगी। - डॉ. एनपी सिंह, सीएमओ

बर्न वार्ड में भर्ती मरीजों की सेहत का मेडिकल प्रोटोकाल के हिसाब से पूरा ख्याल रखा जा रहा है। जरूरत के हिसाब से कुछ एसी को कभी-कभी बंद रखना पड़ता है। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ से एसी के संचालन को लेकर जानकारी मांगी जाएगी। - डॉ. बृजेश कुमार, एसआईसी मंडलीय अस्पताल

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