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Varanasi News: बीएचयू के पास दो रास्ते... ईसी निरस्त करे प्रमोशन या फिर जाए सुप्रीम कोर्ट, पढ़ें पूरा मामला
Thu, 19 Feb 2026 11:29 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 19 Feb 2026 11:29 AM IST
सार
Varanasi News: बीएचयू में भारतनाट्यम के जानकारों ने कथक प्रोफेसर के पद के प्रमोशन के लिए इंटर्व्यू लिया था। इस फैसले को फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।
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बनारस हिंदी विश्वविद्यालय, BHU
- फोटो : X (@bhupro)
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विस्तार
बीएचयू में भारतनाट्यम एक्सपर्ट द्वारा कथक नृत्यांगना का इंटरव्यू लेकर प्रमोशन देने के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। उनके चयनकर्ताओं में तीनों सदस्यों को क्वालिफिकेशन के मामले में उपयुक्त नहीं माना है। एग्जीक्यूटिव काउंसिल के फैसले को भी निरस्त कर दिया गया है। अब बीएचयू के पास दो ही विकल्प बचे हैं।
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पहला बीएचयू की ओर से सुप्रीम कोर्ट में फैसले को चुनौती दी जाए या फिर आगामी एग्जीक्यूटिव काउंसिल में प्रोफेसर के प्रमोशन को रद्द किया जा सकता है। सुविधाएं और लाभ खत्म कर दिए जाएंगे। हाइकोर्ट ने बीएचयू को दो महीने का समय दिया है। वहीं, ये भी सवाल यह उठ रहा है कि पिछले साल हुई ईसी ने ही चयन समिति के फैसले को वैधता दे दी गई थी। इस फैसले के बाद बीएचयू के छात्रों और शोधार्थियों ने सवाल उठाते हुए कहा है कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं।
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2024 में प्रो. सुधीर जैन के कार्यकाल में बड़े स्तर पर प्रोफेसरों का प्रमोशन किया गया था। कुलपति ने आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कई लोगों को जिम्मेदारियां दी थीं। उनकी स्वीकृति भी ईसी से मिल चुकी है। मगर हाईकोर्ट ईसी के मुहर के बाद भी फैसले को अवैध कर रहा है। प्रोफेसर पद के लिए इंटरव्यू लेने वाले पूरे पैनल में कोई खुद भी प्रोफेसर नहीं था।