घर बैठे मिलेंगे नगर निगम से जुड़े सभी कागजात, पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सहेजा जाएगा
वाराणसी में आने वाले दिनों में नगर निगम से जुड़े सभी कागजात घर बैठे मिलेंगे और कार्यालयों के चक्कर लगाने से निजात मिलेगी। नगर निगम का अभिलेखागार पूरी तरीके से डिजिटल होगा। पुराने रिकार्डों को डिजिटल रूप में सहेजने की तैयारी चल रही है। इस साल यह व्यवस्था पूरी तरीके से धरातल पर लाई जाएगी। इससे घर बैठे आम जनता को निर्धारित शुल्क जमा करने पर अपनी संपत्ति व अन्य कागजात का पूरा विवरण मिल जाएगा।
नगर निगम के अभिलेखागार में आजादी के पहले तक के रिकॉर्ड हैं। ये बदहाल अवस्था में हैं। अगर इन्हें बार-बार पलटा या खोला जाए तो ये टुकड़ों में बिखर जाते हैं। नगर निगम ने सभी रिकार्डों को डिजिटल रूप में सहेजने का निर्णय लिया है। इससे न केवल रिकॉर्ड सुरक्षित होंगे, बल्कि आम आदमी को भी बार-बार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वह किसी भी संपत्ति या अन्य कागजात के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सत्यापित कापी के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय निर्धारित शुल्क जमा करेंगे। इसके बाद उन्हें सत्यापित कापी उनके मेल, मोबाइल आदि पर भेज दी जाएगी। इससे जनता का समय बचेगा और रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहेंगे। उनके साथ किसी प्रकार की कोई छेड़छाड़ नहीं किया जा सकेगा। आगे पढ़ें, नगर आयुक्त ने क्या कहा...
ऑनलाइन रिकॉर्ड होने से आम जनता को काफी फायदा मिलेगा। घर बैठे सभी प्रकार के दस्तावेज आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। इस काम से न केवल रिकॉर्ड सुरक्षित होंगे। बल्कि आम आदमी को भी बार-बार कार्यालय के लिए चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इसके लिए कंपनी का चयन होना है। - गौरांग राठी, नगर आयुक्त
काम की समय सीमा होगी तय, अधिकारी कर सकेंगे मानिटरिंग
नगर निगम में किसी काम के लिए एक पटल से दूसरे पटल तक कागज जाने में काफी समय लग जाता है। ऐसी स्थिति में जो काम तीन दिन में होना चाहिए, वह 30 दिनों में भी नहीं हो पाता है। रिकार्डों के ऑनलाइन होने से सभी दस्तावेज अधिकारियों के कंप्यूटर से जुड़े रहेंगे। सबकी समय सीमा निर्धारित होगी। निर्धारित समय सीमा में काम नहीं होने पर संबंधित कर्मचारी और अधिकारी को जवाब देना होगा। इसकी मानिटरिंग उच्चाधिकारी भी आसानी से कर सकेंगे।
रिकार्डों को सुरक्षित करने पर दवा का खर्च बचेगा
नगर निगम के रिकार्डों को सुरक्षित करने के लिए हर साल ढाई लाख रुपये की दवा का छिड़काव होता है। इस व्यवस्था से नगर निगम का खर्च बचेगा और इसका इस्तेमाल दूसरे विकास कार्यों में किया जाएगा। सामान्य दिनों में दीमक और अन्य कीड़े मकोड़े से दस्वावेज को बचाने के लिए दवा का छिड़काव कराना पड़ता है।
निगम के चक्कर लगाने से बचेगी जनता
मकान का दाखिल खारिज या अन्य किसी अनुमति के लिए आम जनता को नगर निगम के मुख्यालय और जोनल कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन हो जाने से आम जनता अनावश्यक भागदौड़ बच जाएगी। सामान्य दिनों में एक काम को कराने के लिए लोगों को महीनों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं।