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गाजीपुर की घटना पर अखिलेश यादव का तंज, बोले- कभी पुलिस ठोक रही, कभी जनता

Mon, 31 Dec 2018 11:12 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखनऊ/गाजीपुर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखनऊ/गाजीपुर Published by: Priyesh Mishra Updated Mon, 31 Dec 2018 11:12 AM IST
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Akhilesh yadav gave statement on head constable murder in ghazipur
अखिलेश यादव
गाजीपुर में जाम के दौरान निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा किए पथराव में हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप वत्स की घटना को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दुखद बताया। अखिलेश यादव ने इसके लिए शासन-प्रशासन की नाकामी को जिम्मेदार ठहराया।
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उन्होंने कहा कि पत्थर किसी एक व्यक्ति ने मारा लेकिन अन्याय कितने लोगों के साथ किया जा रहा है? सपा अध्यक्ष ने कहा कि गाजीपुर में प्रधानमंत्री आ रहे थे। खुफिया तंत्र के पास सूचनाएं थी कि कहां लोग एकत्र हो सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि यह घटना इसलिए घटी क्योंकि मुख्यमंत्री सदन हो या मंच, हर जगह यही भाषा बोलते हैं, ठोक दो। कभी पुलिस को समझ में नहीं आता कि किसे ठोकना है और कभी जनता नहीं समझ पाती कि किसे ठोकना है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी तबादला रुकवाने और पोस्टिंग के लिए एनकाउंटर कर रहे हैं।
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ऊपर के अधिकारी ठोको नीति पर चलते हैं तो थाने वाले भी यही करने लगे हैं। जेलों तक में यह संस्कृति पहुंच गई है। जेल में मर्डर यूं ही नहीं हो जाते। उन्होंने कहा कि निषाद समाज का मुद्दा वही है जो भाजपा ने उनसे कहा था। उस समय तो भाजपा नफरत फैलाने में लगी थी।

दुष्प्रचार कर रही थी कि सभी सरकारी नौकरियां यादव ले गए। उन्होंने ओबीसी में नौकरी की गिनती कराई है। हमारा कहना है कि सभी की गिनती कराओ, किसे कितनी नौकरियां मिली। भाजपा जातियों में नफरत फैलाने का काम करती है। 

हेड कांस्टेबल की हत्या के मुख्य आरोपी पर लगेगा रासुका

Akhilesh yadav gave statement on head constable murder in ghazipur
हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप वत्स - फोटो : file photo
गाजीपुर के कठवामोड़ पर जाम के दौरान निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा किए पथराव में हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप वत्स की मौत के मामले में रविवार को 20 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले की जांच एसपी सिटी प्रदीप दुबे को सौंप दी गई है। एडीजी पीवी रामाशास्त्री ने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्य आरोपी के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस लाइन स्थित सभा कक्ष में एडीजी ने पत्रकारों से कहा कि पीएम मोदी की सभा समाप्त होने के बाद करीमुद्दीनपुर थाना पुलिस के लौटने के दौरान थानाध्यक्ष को आदेश दिया गया था कि कठवामोड़ पुल के पास आरक्षण की मांग को लेकर निषाद पार्टी के लोगों ने जाम लगाया है, उन्हें समझा कर जाम समाप्त कराया जाए।

इस पर पुलिस वहां पहुंची और जाम समाप्त कराने के लिए लोगों को समझाने लगी। इसी बीच लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव में करीमुद्दीनपुर थाना पर तैनात हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप वत्स गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने से मौत का कारण स्पष्ट हुआ है।

हत्या के मामले में नोनहरा थाना में 32 नामजद और डेढ़ सौ अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसके अलावा विभिन्न धाराओं में दो थाना क्षेत्र में चक्काजाम करने के मामले में साढ़े तीन सौ अज्ञात और चार नामजद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

हत्या के मामले में 11 और सुहबल व करंडा थाना क्षेत्र में चक्काजाम में करने के मामले में निषाद पार्टी के नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी को चिन्हित किया जा रहा है। उसके खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जाएगी। 
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