आकांक्षा दुबे की मौत का मामला: समर सिंह को पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा या नहीं, आज होगी सुनवाई
भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा दुबे मामले में आरोपी समर सिंह पर आज अहम सुनवाई होनी है। आकांक्षा दुबे को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी गायक समर सिंह उर्फ समरजीत को पुलिस कस्टडी रिमांड पर देने संबंधी आवेदन पर बुधवार की सुबह 11 बजे से सुनवाई होगी।
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भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा दुबे को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी गायक समर सिंह उर्फ समरजीत को पुलिस कस्टडी रिमांड पर देने संबंधी आवेदन पर बुधवार की सुबह 11 बजे से सुनवाई होगी। इससे पहले मंगलवार को आरोपी समर सिंह के अधिवक्ताओं को कस्टडी रिमांड संबंधी आवेदन पत्र की प्रति उपलब्ध कराई गई। साथ ही, अदालत ने आरोपी के अधिवक्ताओं को आपत्ति दाखिल करने के लिए एक दिन का समय दिया। गायक समर सिंह उर्फ समरजीत सिंह की मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी हुई। इस संबंध ने पुलिस कस्टडी रिमांड की अर्जी पर सुनवाई हुई थी।
Akanksha Dubey: समर सिंह की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी, सुनवाई पूरी, कोर्ट ने लिया ये फैसला
सारनाथ थाने की पुलिस ने समर सिंह की सात दिन की कस्टडी रिमांड अदालत से मांगी है। पुलिस का कहना है कि समर का मोबाइल बरामद किया जाना जरूरी है। इसके अलावा समर के लखनऊ और मुंबई स्थित ऑफिस जाकर उसके व आकांक्षा के बीच हुए वित्तीय लेनदेन व फिल्मों के करार संबंधी कागजात बरामद करना है। समर की पुलिस कस्टडी रिमांड का विरोध फौजदारी के अधिवक्ता अनुज यादव, आशीष सिंह और विकास यादव ने किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि समर की गिरफ्तारी मोबाइल की लोकेशन की मदद से ही हुई है। समर और आकांक्षा के बीच हुए वित्तीय लेनदेन और फिल्मों के करार संबंधी कागजात हमारी ओर से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ऐसे में समर सिंह को पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिए जाने का कोई औचित्य नहीं है।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेश हुआ समर
अदालत में मंगलवार को समर सिंह जिला जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेश हुआ। कारागार प्रशासन के जरिये उसने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था कि उसकी पहली पेशी पर कचहरी परिसर में जमकर हंगामा हुआ था। इससे वह डरा हुआ है और वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये अदालत में पेश होना चाहता है। समर के प्रार्थना पत्र के आधार पर अदालत ने उसे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेश होने की अनुमति दी।
पुलिस ने बरती लापरवाही, नहीं दर्ज किया बयान
आकांक्षा दुबे की मां मधु दुबे के अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने अदालत में पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। कहा कि मुकदमे की वादिनी का बयान दर्ज नहीं किया गया। हत्या की जगह आत्महत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस इस मामले में शुरू से ही लीपापोती का प्रयास कर रही है। उधर, मधु दुबे ने मंगलवार को पुलिस आयुक्त को पत्र भेजकर कहा कि उन्हें सारनाथ थाने की पुलिस की विवेचना पर विश्वास नहीं है। उनकी बेटी के मुकदमे की विवेचना किसी और से कराई जाए। इसके साथ ही जिस होटल में आकांक्षा का शव मिला था, वहां की बीते 21 से 27 मार्च तक की सीसी कैमरे की फुटेज अदालत में दाखिल की जाए।