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ब्लॉक प्रमुख हत्याकांड: असलहों के साए में चलने वाले अजीत के नाम से नहीं है कोई शस्त्र लाइसेंस

Sat, 09 Jan 2021 01:52 AM IST
विचित्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ Published by: विचित्र सिंह Updated Sat, 09 Jan 2021 01:52 AM IST
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Ajit Singh murder case Lucknow Mau police said there is no arms license in Ajit name
पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह - फोटो : अमर उजाला

माफिया ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू से दुश्मनी होने के बाद जान बचाने के लिए असलहों की सुरक्षा में चलने वाले अजीत और उसके परिवार के नाम से कोई शस्त्र लाइसेंस नहीं है। इसकी पुष्टि मऊ जिले की पुलिस ने भी की है। हालांकि अजीत के दादा के नाम से एक डीबीबीएल गन थी। जो उनकी मृत्यु के बाद से जमा है।

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लखनऊ के कठौता चौराहे पर गैंगवार में मृत पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख अजीत सिंह मूल रूप से मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के देवसीपुर गांव के निवासी थे। दो हजार के दशक में अजीत का साथ आजमगढ़ जिले के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के छपरा गांव निवासी और कुख्यात अपराधी ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू से रहा। लेकिन कारोबार को लेकर वर्ष 2005 में दोनों के बीच पड़ी दरार समय के साथ बढ़ती गई। इसका परिणाम रहा कि जान बचाने के लिए अजीत सिंह ने पुलिस सुरक्षा के साथ-साथ राजनीतिक गलियारे की भी शरण ली। इसके अलावा सुरक्षा के लिए खुद भी व्यवस्था कर असलहों के साये में रहता था। इसके लिए उसने निजी गनर भी रखे थे, ताकि सुरक्षित रह सके।

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Ajit Singh murder case Lucknow Mau police said there is no arms license in Ajit name
अजीत सिंह। - फोटो : अमर उजाला

बीते बुधवार को गैंगवार की घटना के बाद लोगों में चर्चा रही कि अजीत के पास कई लाइसेंसी असलहे थे। बात करने पर पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने कहा कि हालांकि इस संबंध में अभी कोई जानकारी नहीं मांगी गई है, लेकिन अजीत के खिलाफ इतने मामले दर्ज थे, कि उसके नाम से कोई शस्त्र का लाइसेंस नहीं बन सकता था। वहीं मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली के प्रभारी नीरज पाठक ने स्पष्ट किया कि उसके दादा के नाम पर डीबीबीएल गन थी। जो उनकी मृत्यु के बाद से जमा है।

देर रात घर पहुंचा शव, रातोंरात हुआ अंतिम संस्कार 

अजीत सिंह का शव बृहस्पतिवार देर रात उनके पैतृक गांव देवसीपुर लाया गया। इस दौरान कड़ी सुरक्षा थी। ठंड के बावजूद अजीत के घर पर काफी भीड़ जमा रही। रात में ही परिवार के सदस्य अंतिम संस्कार के लिए शव को लेकर गाजीपुर रवाना हो गए। वहां अजीत के बड़े पुत्र उत्कर्ष ने मुखाग्नि दी। वहीं अजीत सिंह की हत्या के बाद उपजे तनाव को देखते हुए उनके पैतृक आवास पर पुलिस का पहरा है। अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने के दौरान भी पुलिस साथ-साथ थी।

आधी रात लगभग 12 बजे जब घर पर शव पहुंचा तो पूरा माहौल चीत्कार से गूंज उठा। परिवार के सदस्यों के साथ पत्नी बच्चे शव से लिपट कर रोने लगे। इस दौरान पुलिस ने संवेदना दिखाई और परिजनों को समझा-बुझाकर शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की व्यवस्था कराई। शमशान स्थल पर दो ट्रक पीएसी जवानों के साथ आधा दर्जन थानों की पुलिस मौजूद रही। बता दें कि अजीत सिंह के परिवार में सबसे बड़ी उनकी पुत्री उन्नति 13 वर्ष, पुत्र उत्कर्ष 9 वर्ष और और सबसे छोटा बेटा चार वर्ष का है। परिवार के सदस्य पढ़ाई लिखाई के लिए कोलकाता में रहते हैं।

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