फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Air Show Despite failing eyesight many elderly individuals arrived final cherished see fighter jets

एयर शो: आंखों से धुंधली दुनिया, फिर भी फाइटर प्लेन देखने की आखिरी हसरत लेकर पहुंचे कई बुजुर्ग; बताया उत्साह

Sun, 25 Oct 2026 05:41 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली।
अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sun, 25 Oct 2026 05:41 AM IST
सार

आंखों से धुंधला दिखने के बावजूद लड़ाकू विमान देखने की हसरत लेकर 80 वर्षीय अजीमुल्लाह एयर शो में पहुंचे। वह एक दिन पहले ही वाराणसी आ गए थे और रात रिश्तेदार के घर बिताई। वहीं, 70 वर्षीय शांति देवी ने कहा कि उन्होंने जिंदगी में पहली बार लड़ाकू विमान देखे। एयर शो का रोमांच उम्र पर भारी पड़ा।

विज्ञापन
Air Show Despite failing eyesight many elderly individuals arrived final cherished see fighter jets
भोला प्रसाद और हजीमुल्लाह। - फोटो : संवाद

विस्तार

आंखों से दूर की रोशनी भले ही साथ छोड़ गई हो, लेकिन आसमान में उड़ते लड़ाकू विमानों को देखने की हसरत उम्र के आखिरी पड़ाव में भी कम नहीं हुई। शनिवार को एयर शो के दूसरे दिन 80 साल के अजीमुल्लाह इसी उम्मीद के साथ डोमरी पहुंचे। एक दिन पहले ही आकर रिश्तेदार के यहां रात गुजारी और सुबह होते ही एयर शो स्थल पर पहुंच गए। उन्होंने कहा, 'मोदी नहीं होते तो हमार ई आखिरी इच्छा पूरी नहीं होती।'

विज्ञापन




अजीमुल्लाह के लिए यह सिर्फ एक एयर शो देखना नहीं, बल्कि उम्रभर की एक अधूरी हसरत पूरी होने जैसा था। आंखों से दूर की चीजें साफ नहीं दिखतीं, फिर भी लड़ाकू विमानों की एक झलक पाने की उम्मीद उन्हें यहां तक खींच लाई। विमानों की आवाज और आसमान में उनकी मौजूदगी ने उनके इस इंतजार को खास बना दिया।

विज्ञापन
Trending Videos

Air Show Despite failing eyesight many elderly individuals arrived final cherished see fighter jets
वीरेंद्र प्रताप और शांति देवी। - फोटो : संवाद

70 साल की उम्र में पहली बार सुनी लड़ाकू विमानों की गर्जना
एयर शो देखने पहुंचीं 70 वर्षीय शांति देवी की भी अपनी कहानी रही। वह बोलीं कि जिंदगी में कभी लड़ाकू विमान नहीं देखे थे। उम्र के इस पड़ाव पर आंखों से तो ज्यादा दूर नहीं दिखता पर कम से कम उनकी आवाज सुनने और नीचे उड़ते विमानों की झलक पाने की इच्छा थी। इसी उम्मीद में वह डोमरी पहुंचीं। विमानों की गर्जना सुनकर उनके चेहरे पर उत्सुकता साफ झलक रही थी।

विज्ञापन

35 किलोमीटर चलकर सुबह आठ बजे पहुंच गए वीरेंद्र प्रताप
65 वर्षीय वीरेंद्र प्रताप का उत्साह भी कम नहीं था। वह चंदौली से करीब 35 किलोमीटर की दूरी तय करके सुबह आठ बजे तक एयर शो स्थल पर पहुंच गए। उनके लिए भी लड़ाकू विमानों को करीब से देखने का मौका खास रहा। वहीं 70 वर्षीय भोला प्रसाद ने कहा कि राफेल के बारे में किताबों में पढ़ा था, लेकिन कभी उम्मीद नहीं की थी कि उसे अपनी आंखों से देख सकेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed