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हवा-हवाई हुए वादे, हकीकत खस्ताहाल

Thu, 26 Jan 2017 02:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Thu, 26 Jan 2017 02:17 AM IST
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Air-air promise, decaying reality
शहर उत्तरी में दोषीपुरा से गोलगड्डा क्षेत्र की सड़कों की दयनीय हालत।
विधानसभा क्षेत्र, शहर उत्तरी...। पर्यटन का एक सबसे बड़ा केंद्र, शहर का मैनचेस्टर और इन सबसे अलग जिला मुख्यालय, जहां रोजाना ही वीवीआईपी का रेला।  कहा जाए तो वाराणसी शहर का दिल शहर उत्तरी ही है। पुरातात्विक धरोहर चाहे वो सारनाथ हो या गंगा किनारे बसा लाल खां का रौजा, ये काशी के धड़कते दिल की जान हैं। बुद्ध की तपस्थली दुनिया के लिए क्या मायने रखती है, ये बयां करने की जरूरत नहीं है। देश-विदेश तक छाप छोड़ रही बनारसी साड़ी का ताना-बाना शहर उत्तरी की ही शान है। वरुणा पार बनारस का पूरा प्रशासनिक अमला भी शहर के इसी विधानसभा क्षेत्र के दायरे में है।
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एक बार फिर से वादों और दावों का खेल शुरू हो चुका है। वादों का पुलिंदा है जो खत्म नहीं होता और हकीकत है कि वादे जमीं पर नजर नहीं आते। बात विधानसभा क्षेत्र शहर उत्तरी की करें तो आज भी वरुणा पार के बाशिंदे बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। वर्षों की सीवर समस्या से लोगों को निजात नहीं मिल पाई है। कैंट, रोडवेज से लेकर चौका घाट और यहां से राजघाट की सड़कें धूल के गुबार के साथ लोगाें को हिचकोले लेने पर मजबूर करती हैं। बाबतपुर से सारनाथ जाने तक जाम और खस्ताहाल सड़क के चलते पर्यटकों को कितने कष्ट झेलने होते हैं, ये वही जानते हैं। पिछले पांच साल इसी इलाके में लोगों ने सबसे ज्यादा खुदाई का दंश झेला है और अभी भी इसे झेलने को मजबूर हैं।

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शहर उत्तरी में एक बड़ा हिस्सा बुनकर बहुल है। मोहम्मद कुरैश बताते हैं कि दोषीपुरा, बड़ी बाजार, सरैया ये वो इलाके हैं, जहां बनारसी साड़ी का कारोबार होता है। बुनकरों का 40 फीसदी ये इलाका आज भी बाढ़ से जूझ रहा है। पांडेयपुर के नवीन सिंह ने बताया कि हम सीवेज की समस्या से जूझ रहे हैं। जल निकासी की समस्या ऐसी है कि इसी इलाके में सबसे ज्यादा नाली-खड़ंजे के लिए सिर फुटव्वल हुए हैं। बेलाल अहमद बताते हैं कि पेयजल की सप्लाई के साथ आज भी सीवर का पानी आ रहा है। करोड़ों की लागत से सीवर पाइपलाइन तो बिछा दी गई लेकिन एसटीपी चालू न होने की वजह से समस्या जस की तस बनी हुई है। राकेश सिंह का कहना है कि दीनदयालपुर नई बस्ती में बिजली के तार खंभे के सहारे ही झूल रहे हैं। सीवर और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से लोग वंचित हैं।

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विधायक रवींद्र जायसवाल का कहना है ‌कि सड़क व गली निर्माण के साथ ही जल निकासी और सीवर निर्माण के लिए मैंने काम किया है। पानी की समस्या से निजात के लिए क्षेत्र में दो जगह ट्यूबवेल भी लगवाए हैं। सारनाथ, काशी स्टेशन से लेकर शिवपुर स्टेशन के विस्तारीकरण का कार्य भी मेरे कार्यकाल में ही हुआ है। अन्य विकास कार्य करने में मैंने पूरी रुचि दिखाई लेकिन पूरे कार्यकाल में उन विकास कार्यों के प्रस्ताव में राज्य सरकार ने किसी न किसी तरह अड़ंगा लगाया। सपा विधायकों के क्षेत्र में राज्य सरकार अधिक मेहरबान है। 

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