वाराणसी: आधे घंटे के अंतर में ही पीएम मोदी के गढ़ में पहुंचे अखिलेश और ओवैसी, पूर्वांचल की सियासत में बढ़ा तापमान
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आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और सासंद असदुद्दीन ओवैसी मंगलवार की सुबह वाराणसी पहुंच गए हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे, जहां सपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया है। दोनों नेता पूर्वांचल में अपना-अपना दौरा करेंगे। इस तरह दो बड़े नेताओं का शहर में आना और अलग-अलग जिलों में जाना पूर्वांचल की राजनीति का तपमान बढ़ाने का काम कर रहा है।
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पूर्वांचल का सियासी तापमान गरमा गया है। भाजपा से अलग हुई (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी) सुभासपा अब भागीदारी संकल्प मोर्चा के जरिए नए साथियों के साथ मजबूत विपक्ष की राह तलाश रही है। बिहार चुनाव में पांच विधानसभा सीट पर जीत के बाद असदुद्दीन ओवैसी पूर्वांचल में अपनी जमीन तलाशने में जुटे हैं। आज सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के साथ ओवैसी नए गठजोड़ की संभावना तलाशेंगे।
मुस्लिम बहुल जिले आजमगढ़, मऊ और जौनपुर में आज ओवैसी और ओपी राजभर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक व सभाएं करेंगे। हाल ही में सुभासपा और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष की मुलाकात के बाद गठजोड़ की उम्मीद है।
उधर, एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने भी शिवपाल यादव से मुलाकात की थी। वहीं, सुभासपा और आजाद समाज पार्टी के बीच भी बातचीत का दौर जारी है। ऐसे में ओवैसी की पूर्वांचल में मौजूदगी से सियासी सरगर्मी तेज होने की उम्मीद है। फिलहाल विधानसभा चुनाव अगले साल होंगे, इससे पहले मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए सियासी दल कोई मौका नहीं छोड़ना चाहेंगे।
यहां बता दें कि विधानसभा चुनाव 2017 में भाजपा और सुभासपा के बीच गठबंधन हुआ था। अजगरा विधानसभा में संयुक्त रैली में गठबंधन की घोषणा के बाद विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल की कई सीटों पर बंटवारा हुआ था। मगर, वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद यह गठबंधन टूट गया। इसके बाद से ही सुभासपा नए साथियों के साथ अपनी सियासत को पूर्वांचल में मजबूत करने की कोशिश में जुटी है।
जौनपुर में योगी सरकार पर तीखा हमला
वाराणसी के बाद अखिलेश यादव मंगलवार को जौनपुर पहुंचे। वह बरसठी ब्लॉक के आदमपुर निगोह स्थित श्रीराम महाविद्यालय में पूर्व विधायक और कैबिनेट मंत्री पारस नाथ यादव की जयंती के कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला।
अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग बुलडोजर लेकर घूम रहे हैं, वो पहले यह बताएं कि बुलडोजर कहां चलना चाहिए। जिनके घर के नक्शे पास नहीं है उनके घरों पर या जहां 50 साल की महिला के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपियों के घरों पर। सांसद अखिलेश यादव ने लोगों से कहा कि यह आखिरी चुनाव है इस बार जरूर समाजवादी पार्टी को जिता देना। अगर नहीं जीते तो उम्मीद मत रखना कि लोकतंत्र जिंदा रहेगा।