वाराणसी: कृषि मंत्री बोले- किसानों को खुशहाल बनाने का सरकार कर रही प्रयास
वाराणसी में भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान में तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया है। यह पोषण, उद्यमिता व पर्यावरण के लिए सब्जी अनुसंधान एवं नवाचार पर आधारित है। कृषि मंत्री ने इसका शुभारंभ करते हुए किसानों के लिए भारत सरकार द्वारा किए जा रहे और किए जाने वाले कामों पर जिक्र किया।
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वाराणसी में भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा पोषण, उद्यमिता एवं पर्यावरण के लिए सब्जी अनुसंधान एवं नवाचार पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत हुई है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुभारंभ करते हुए कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जरूरी कदम उठाकर किसानों को खुशहाल बनाने का प्रयास कर रही है।
देश की आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र का बजट 21 हजार करोड़ रुपये (2014 से पहले) से लेकर 1.23 लाख करोड़ रूपये कर दिया गया है। साथ ही सरकार ने दस हजार नए कृषक उत्पादक संगठन बनाए हैं। साथ ही एक लाख करोड़ रूपये का एग्री इंफ्रा फंड बनाने जैसी बड़ी योजनाएं लाई है। सरकार का फोकस ज्यादातर छोटे किसानों पर है, जिनकी अनेक योजनाओं के जरिए आय बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
वर्ष 2021 को विश्व खाद्य संगठन ने फल एवं सब्जी वर्ष के रूप में मनाने का आह्वान किया है। हमारे लिए गौरव की बात है कि इस साल बागवानी फसलों के उत्पादन ने 331 मिलियन टन के नए शिखर को हासिल किया है। निश्चित रूप से इस उपलब्धि के पीछे हमारे किसानों की मेहनत है। साथ ही वैज्ञानिकों का कुशल अनुसंधान और सरकार की किसान हितैषी नीतियों का योगदान है।
सब्जियां स्वास्थ्य और किसानों के लिए फायदेमंद
तोमर ने कहा कि सब्जियां पोषण का आधार होने के साथ-साथ, किसानों की आय एवं कृषि विविधीकरण का मुख्य स्तंभ सिद्ध हुई हैं। इसलिए इनका अधिक उत्पादन और उपभोग होना चाहिए। भारत, विश्व की कुल सब्जियों के 15 प्रतिशत के साथ उत्पादन में दूसरे स्थान पर है।
उन्होंने भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान को 'सब्जी एप' बनाने के लिए बधाई दी है। यह एप किसानों को सब्जियों की उन्नत वैज्ञानिक तकनीक की जानकारी देता है। इसके अलावा कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसे- ड्रोन, रोबोट, सेंसर आदि का उपयोग बढ़ाने की आवश्यक पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले साल सरकार ने टिड्डी दलों पर नियंत्रण के लिए ड्रोन का बखूबी उपयोग किया।
कृषि मंत्री ने कहा कि खेती में पानी का दुरूपयोग नहीं हो, कृषि विविधीकरण के नए आयाम हो, किचन गार्डन जैसे प्रयोगों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए। साथ ही, नई तकनीकों का लाभ छोटे किसानों व कमजोर तबके तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि वे लाभान्वित हो सकें।