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Agnipath Protest : खुफिया तंत्र फेल, सीमा चौकसी भी असफल, वाराणसी में नाकाम रहा पुलिस-प्रशासन
Sat, 18 Jun 2022 09:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 18 Jun 2022 09:45 AM IST
सार
दिन निकलने के साथ ही प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा, असहाय रहा प्रशासन और पुलिस। बनारस चलो स्लोगन के साथ सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज के बाद भी पुलिस नहीं बना पाई रणनीति।
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बेकाबू रहे हालात...
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अग्निपथ के विरोध में सोशल मीडिया पर चलो बनारस के स्लोगन के साथ प्रदर्शनकारियों के मंसूबे भांप पाने में पुलिस का खुफिया तंत्र पूरी तरह नाकाम रहा। देर रात तैयारियों के बाद भी पुलिस सीमा चौकसी की व्यवस्था को संभाल नहीं पाई। यही कारण रहा कि दिन निकलने के साथ ही प्रदर्शनकारी सड़कों पर निकले और पूरी व्यवस्था पर ही उन्होंने कब्जा जमा लिया।
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इस दौरान पुलिस और प्रशासन कुछ समय के लिए असहाय बन कर रहा गया। हालांकि दोपहर बाद पुलिस ने अपनी स्थिति मजबूत करते हुए स्थिति नियंत्रित की, मगर इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने रोडवेज, रेलवे सहित कई जगहों पर संपत्तियों का नुकसान के साथ ही आधे से ज्यादा शहर को ही कब्जे में रखा।
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दरअसल, बृहस्पतिवार को ही पुलिस व प्रशासन को इनपुट मिला था कि सोशल मीडिया पर सेना भर्ती के लिए लागू नए नियम अग्निपथ के विरेध में बनारस चलो का स्लोगन के साथ एक गुपचुप मुहिम शुरू हुई है। हालांकि सूचना के बाद मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने प्रशासन व पुलिस के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर ठोस रणनीति तैयार कराई। इसमें जिले की सीमाओं को सील करने के साथ ही छावनी क्षेत्र में पुख्ता सुरक्षा का प्लान बनाया गया।
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इसके बावजूद सुबह नौ बजे तक सड़कों पर प्रदर्शनकारी डट गए थे और रोडवेज, रेलवे के साथ ही सड़क पर चल रहे वाहनों को उन्होंने जमकर निशाना बनाया। जहां प्रदर्शनकारी रहे, वहां उनकी ही मनमानी रही और एक समय के लिए पूरा शहर ही मानो रुक सा गया था। हालांकि प्रदर्शनकारियों की सूचना के बाद पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश और जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने मामले की गंभीरता को समझते हुए कमान हाथ में ली। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को खदेड़ कर हर जगह से हटाया गया।
रेल व रोडवेज से आए प्रदर्शनकारी, उसी को बनाया निशाना
बनारस में शुक्रवार को प्रदर्शनकारी रेल व रोडवेज से ही शहर में प्रवेश किए। प्रशासन के अनुसार ज्यादातर प्रदर्शनकारी बाहर जिलों से आए थे और रेल व रोडवेज के जरिए शहर में प्रवेश किए। यहां आने के बाद उन्होंने रेलवे व रोडवेज को निशाना बनाया। यही कारण रहा कि शहर में प्रवेश की बजाय प्रदर्शनकारी कैंट रेलवे स्टेशन और रोडवेज के इर्द गिर्द ही डटे रहे।
दिन भर भागते रहे अफसर, आगे ही रहे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारियों की सूचना के बाद अधिकारी अलर्ट हो गए और लगातार उन पर अंकुश पाने के लिए कवायदें करते रहे। पुलिस ने शहर में कई जगहों पर गश्त और प्रदर्शनकारियों को डंडा फटकाकर खदेड़ना शुरू किया। इसके साथ ही मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने सिटी कमांड कंट्रोल सिस्टम से प्रदर्शनकारियों पर नजर रखी तो पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश व जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने निरीक्षण शुरू किया। इसके साथ ही अन्य अधिकारी भी जिले भर में मुस्तैद रहे।
बनारस में शुक्रवार को प्रदर्शनकारी रेल व रोडवेज से ही शहर में प्रवेश किए। प्रशासन के अनुसार ज्यादातर प्रदर्शनकारी बाहर जिलों से आए थे और रेल व रोडवेज के जरिए शहर में प्रवेश किए। यहां आने के बाद उन्होंने रेलवे व रोडवेज को निशाना बनाया। यही कारण रहा कि शहर में प्रवेश की बजाय प्रदर्शनकारी कैंट रेलवे स्टेशन और रोडवेज के इर्द गिर्द ही डटे रहे।
दिन भर भागते रहे अफसर, आगे ही रहे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारियों की सूचना के बाद अधिकारी अलर्ट हो गए और लगातार उन पर अंकुश पाने के लिए कवायदें करते रहे। पुलिस ने शहर में कई जगहों पर गश्त और प्रदर्शनकारियों को डंडा फटकाकर खदेड़ना शुरू किया। इसके साथ ही मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने सिटी कमांड कंट्रोल सिस्टम से प्रदर्शनकारियों पर नजर रखी तो पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश व जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने निरीक्षण शुरू किया। इसके साथ ही अन्य अधिकारी भी जिले भर में मुस्तैद रहे।