यूपी: 1.50 करोड़ रुपये के गबन में शामिल एजेंट गिरफ्तार, ईओडब्ल्यू ने जौनपुर से पकड़ा; 2015 में हुआ था मुकदमा
1.50 करोड़ रुपये के गबन के मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने जौनपुर से एक एजेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी ऋण योजनाओं की धनराशि हड़पने का आरोप है। मामले में वर्ष 2015 में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। ईओडब्ल्यू की टीम आरोपी से पूछताछ कर मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
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जौनपुर में सरकारी ऋण योजनाओं के तहत लाभार्थियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर करीब 1.50 करोड़ रुपये के गबन के मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) वाराणसी की टीम ने जोगेंद्र उर्फ योगेंद्र प्रसाद को जेसीज चौराहा जौनपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी जौनपुर के गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के प्रेमापुर गांव का निवासी है।
ईओडब्ल्यू निरीक्षक सुनील वर्मा ने बताया कि 2012-13 में काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक की मंडी समिति, चौकिया शाखा में विभिन्न सरकारी ऋण योजनाओं के तहत लाभार्थियों के नाम पर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे। इस प्रक्रिया से 1.50 करोड़ रुपये के सरकारी धनराशि के गबन का मामला सामने आया था। बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक और एजेंट की भूमिका की जांच की जा रही थी। जोगेंद्र पर एजेंट और जमानतदार के रूप में शामिल होने का आरोप है।
तत्कालीन बैंक प्रबंधक ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी
2015 में बैंक प्रबंधक राम कृपाल मौर्य ने शाखा प्रबंधक और एजेंट के खिलाफ जौनपुर के लाइन बाजार थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सरकारी ऋण योजनाओं में कथित फर्जीवाड़े और धनराशि के गबन से जुड़े मामले की जांच बाद में शासन ने ईओडब्ल्यू वाराणसी को सौंप दी थी। इसके बाद से जांच एजेंसी मामले में आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही थी।
जेसीज चौराहे के पास चलाता था एजेंसी
जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी जोगेंद्र जेसीज चौराहे के पास यशवंत कटरा में चांदनी सोलर ऊर्जा के नाम से एजेंसी चलाता है। उसने अपना ठिकाना बदलकर जौनपुर के इब्राहिमाबाद गांव में बना लिया था। ईओडब्ल्यू की टीम ने सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार किया। टीम ने आरोपी को वाराणसी न्यायालय में पेश किया। यहां से उसे जेल भेजा गया। मामले में सरकारी ऋण योजनाओं के तहत वितरित धनराशि में कथित अनियमितताओं की जांच जारी है।