Varanasi News : तीन दिन बाद पूरी क्षमता से चली OPD, आए 5048 लोग; गंगापुर सीएचसी में की गई सर्जरी
Varanasi News : दीपावली की छुट्टियों के बाद सरकारी अस्पतालों में मरीजों और तीमारदारों की भीड़ दिखने लगी। यहां के स्वास्थ्य केंद्र पूरी क्षमता के साथ कार्यरत दिखे। डॉक्टरों की मानें तो, मरीजों में सबसे ज्यादा संख्या श्वांस से संबंधित रहें।
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जिले के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी पूरी क्षमता से चली। इस वजह से पर्चा काउंटर से लेकर डॉक्टर के कमरे तक लोगों की भीड़ देखने को मिली। सबसे अधिक लोग सांस फूलने के साथ ही सर्दी, खासी, बुखार वाले पहुंचे। जिला और मंडलीय अस्पताल में 5048 लोग ओपीडी में पहुंचे।
पिछले सप्ताह 31 अक्तूबर को दीपावली और 01 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश पर अस्पताल की ओपीडी दोपहर 12 बजे तक ही चली। इसके बाद दो नवंबर को गोवर्धन पूजा की वजह से भी ओपीडी सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे के बजाय दोपहर 12 बजे तक ही चल सकी।
रविवार को साप्ताहिक अवकाश था। सोमवार को सुबह पूरी क्षमता से ओपीडी खुलने से पहले ही मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल, शास्त्री अस्पताल रामनगर के साथ ही जिला अस्पताल परिसर स्थित एमसीएच विंग और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर लोग पहुंचने लगे। 8 बजे काउंटर खुलते ही पर्चा कटवाने के लिए लाइन लग गई।
फिजिशियन, बाल रोग ओपीडी में लगी रही लाइन : सर्वाधिक भीड़ फिजिशियन, चेस्ट फिजिशियन से लेकर बाल रोग विभाग की ओपीडी में देखने को मिली। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के एसआईसी डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि दीपावली पर आतिशबाजी के बाद सांस फूलने की समस्या बढ़ जाती है।
किस अस्पताल में आए कितने लोग
| अस्पताल | सामान्य | सोमवार |
| जिला अस्पताल | 1500 | 1998 |
| मंडलीय अस्पताल | 1400 | 1650 |
| शास्त्री अस्पताल | 1100 | 1400 |
बीएचयू अस्पताल में खुला पैथाेलॉजी विभाग का काउंटर
वाराणसी। बीएचयू अस्पताल के सीसीआई लैब में अब पैथाेलॉजी विभाग के इम्यूनोलॉजी जांच से जुड़ा काउंटर खुल गया। अब मरीजों को सैंपल देने के लिए अब मेडिकल कॉलेज यानी आईएमएस बीएचयू नहीं जाना पड़ेगा। यहीं पर मरीजों को रिपोर्ट भी मिल जाएगी।
बीएचयू अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों को सामान्य जांच के लिए सैंपल अस्पताल में सीटी स्कैन सेंटर के पास बने सीसीआई लैब के काउंटर पर जमा हो जाता है। इसके अलावा इम्यूनोलॉजी से जुड़ी जांच के लिए आईएमएस तक का चक्कर लगाना पड़ता है। हालांकि इम्यूनोलॉजी से जुड़ी जांच के लिए करीब दो साल पहले से ही सीसीआई लैब में सैंपल जमा करने की प्रक्रिया चल रही थी।
अमर उजाला ने भी मरीजों की इस समस्या से जुड़ी खबर को 28 अक्तूबर को प्रकाशित किया था। पैथालॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. संदीप कुमार का कहना है कि अब सीसीआई लैब में कमरा नंबर 6 में पैथालॉजी विभाग की ओर से इम्यूनोलॉजी जांच के लिए सैंपल जमा होने लगा है।
गंगापुर सीएचसी में की गई सर्जरी
निहालापुर निवासी दयाराम(75) पिछले दो महीने से मांस खाने वाले बैक्टीरिया से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे थे। राज्य कर्मचारी बीमा निगम अस्पताल (ईएसआईसी) पांडेयपुर में इलाज कराया। इलाज के दौरान बाएं पैर की चमड़ी करीब 20 फीसदी सड़ कर निकल गई। डॉक्टरों ने प्लास्टिक सर्जरी करवाने की सलाह देकर नई दिल्ली रेफर किया। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे दिल्ली न जाकर सीएचसी गंगापुर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने स्प्लिट स्किन ग्राफ्टिंग विधि से इलाज किया।