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Holi: 19 साल बाद होली के पहले चंद्र ग्रहण, त्योहार 4 मार्च को; तीन मार्च को चंद्र ग्रहण के 9 घंटे पहले सूतक

Thu, 05 Feb 2026 10:29 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Thu, 05 Feb 2026 10:29 AM IST
सार

Varanasi News: होली के त्योहार के उल्लास में कोई कमी नहीं आएगी। केवल ग्रहण से माता चौसठ्ठी के पूजन के लिए कम समय मिलेगा। भद्रा से होलिका दहन दो मार्च को रात 12:50 बजे के बाद होगा।

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Holi celebrated on 4 March lunar eclipse will occur before Holi after 19 years Sutak lunar eclipse
Chandra Grahan On Holi 2026 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Holi 2026: देशभर में होली चार मार्च को मनाई जाएगी। 19 साल बाद होली के एक दिन पहले यानी तीन मार्च को चंद्रग्रहण लग रहा है। दो दिन पहले दो मार्च को होलिका दहन होगा। इससे  लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी है। 

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काशी की परंपरा में होली फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है और देशभर में चैत्र मास कृष्णपक्ष की प्रतिपदा को मनाया जाता है, लेकिन इस बार काशीवासी भी प्रतिपदा को ही मनाएंगे। क्योंकि इस बार पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण लग रहा है। अब पूरे देश में एक साथ ही होली मनाई जाएगी।
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वहीं, काशी की परंपरा में शुमार होली के एक दिन पहले माता चौसठ्ठी देवी मंदिर में दर्शन-पूजन और अबीर-गुलाल चढ़ाने के बाद होली खेली जाती है। इस बार इसके लिए कम समय मिलेगा। क्योंकि ग्रहण के नौ घंटे पहले ही सूतक लग जाएगा। ग्रहण शाम 6:45 बजे तक रहेगा। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर की सफाई होगी। आरती व पूजन के बाद दर्शन शुरू होगा, जो शयन आरती तक ही होगा।  

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भद्रा लगेगी

प्रख्यात ज्योतिषविद और श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय और आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि भारतीय ज्योतिष एवं निर्णय सिंधु ग्रंथ के आधार पर इस वर्ष फाल्गुन शुक्ल पक्ष चतुर्दशी यानी दो मार्च को भद्रा लगने से होलिका दहन में देर होगी। 

भद्रा समाप्त होने के बाद रात 12:50 से रात 2:02 बजे के बीच होलिका दहन के लिए श्रेष्ठ काल है। आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि होली के एक दिन पहले 2015 में भी चंद्रग्रहण लगा था, लेकिन तब भारत में दृश्यमान नहीं था। इससे पहले 2006 में होली के एक दिन पहले ग्रहण लगा था। 2006 में ग्रहण भारत में पूर्णत: दिखा था। 

48 मिनट ग्रहण
भारत में चंद्रग्रहण 48 मिनट दिखाई देखगा। तीन मार्च फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को चंद्रोदय 5:59 शाम पर होगा। जबकि ग्रहण अपराह्न 3:20 से लगेगा। इसलिए भारत में ग्रहण का प्रारंभ और मध्यकाल नहीं दिखेगा। चंद्रोदय होने के साथ ही ग्रहण दिखाई देने लगेगा। मोक्षकाल शाम को 6:47 बजे तक ग्रहण रहेगा। चंद्रोदय के पहले पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका में दिखाई देगा। वहीं, ग्रहण के नौ घंटे पहले यानी तीन मार्च को सुबह 6:20 बजे से सूतक लग जाएगा। मंदिरों के पट बंद हो जाएंगे।

27 फरवरी को रंगभरी एकादशी और 28 को मसाने की होली
फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी पर रंगभरी एकादशी मनाई जाएगी। बाबा का शृंगार होगा और बाबा की पालकी यात्रा निकालकर गौना की रस्म पूरी की जाएगी। जबकि द्वादशी तिथि यानी 28 फरवरी को मणिकर्णिका घाट पर मसाने की होली खेली जाएगी। श्रीमसाननाथ मंदिर प्रबंध समिति के पदाधिकारी गुलशन कपूर ने बताया कि मसाने की होली की तैयारी शुरू हो चुकी है। 

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